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बड़ी खबर: सपा का संघी संस्करण है पंखुड़ी पाठक, जुमे की नमाज़ अदा करने पर जताई आपत्ति,जानिए क्या कहा

बड़ी खबर: सपा का संघी संस्करण है पंखुड़ी पाठक, जुमे की नमाज़ अदा करने पर जताई आपत्ति,जानिए क्या कहा
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नई दिल्ली: हाल में गुरुग्राम खुले में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद थम भी नहीं पाया कि समाजवादी पार्टी की महिला नेत्री पांखुड़ी पाठक ने सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर विवादित बयान दे दिया है। पांखुड़ी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि मैं अपने एग्ज़ाम के दिन 30 मिनट से ज़ख़ीरा में जाम में फंसी हुई हूं क्योंकि सड़क पर नमाज़ चल रही है। इस टिप्पणी में आगे कहा गया कि धर्म के नाम पर जनता को इस तरह असुविधा देना सही नहीं हो सकता। इतनी गरमी में लोग टू और थ्री वीलर में घंटों से जाम में फ़सें हैं। उनमें छोटे बच्चे भी हैं। आज एग्ज़ाम शायद छूट ही जाएगा। क्या ये मेरे अधिकारों का हनन नहीं है?


सपा नेत्री की इस दोगले पोस्ट पर सवालों के बाढ़ से आ गए। बता दें कि शुक्रवार को मस्जिद में भीड़ ज्यादा होने के कारण नमाजी मस्जिद के बाहर सड़क तक आ जाते हैं, जिसके कारण थोड़ी देरे के लिये रूट डायवर्ट करना पड़ता है या फिर सड़क को बंद कर दिया जाता है।सपा नेत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी आलोचना देख फिर एक और टिप्पणी की जिसमें उन्होंने सड़क पर होने वाले धार्मिक कृत्य से नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि नमाज़ कावड भंडारा या किसी भी अन्य कारण के लिए सड़क को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए। इससे ना ही सिर्फ़ जनता को असुविधा होती है बल्कि किसी की जान भी जा सकती है।


उन्होंने कहा कि चलती सड़क पर और पार्क/ मैदान में नमाज़ पढ़ने में बहुत अंतर है। जहां किसी को असुविधा ना हो वहां नमाज़ पढ़ने पर कोई प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। ये हमारे मुस्लिम भाईयों का संवैधानिक अधिकार है। उसी तरह जागरण आदि भी सड़क पर नहीं पार्क या मैदान में होने चाहिए। इस समस्या के लिए सरकारें और प्रशासन सभी ज़िम्मेदार हैं जो इतने सालों में ना तो पर्याप्त मस्जिद बना सके और ना ही अभी कोई और इंतज़ाम कर रहे हैं।पांखुड़ी ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने ये पोस्ट इस लिए लिखी है ताकि इस मुद्दे पर जागरूकता हो और मुस्लिम भाई भी इस बारे में सोच कर इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश करें। और जो लोग मेरे भाजपा में जाने की बात कर रहे हैं उनके लिए, ये ख़्वाहिश आपकी कभी पूरी नहीं होगी। ना वो पाकिस्तान भेज सकते हैं ना आप भाजपा में भेज सकते हो। हम जीवनभर यहीं रह कर व्यवस्था सुधारने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अब सारी बात स्पष्ट हो चुकी है। मैं आशा करती हूँ की आने वाले समय में हम इन समस्याओं का मिल जुल कर समाधान निकालने में सफल होंगे। जो अभी भी बहस कर रहे हैं उनके लिए – हिंदू मुसलमान से पहले इंसान बनो।

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