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जमकर बरसीं सोनिया: कहा- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई मोदी सरकार की ड्रामेबाजी

जमकर बरसीं सोनिया: कहा- भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई मोदी सरकार की ड्रामेबाजी
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यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी और उनके करीबियों के झूठे, फर्जी दावों और भ्रष्टाचार का हम सबूतों के साथ खुलासा कर रहे हैं। सबका साथ, सबका विकास और न खाऊंगा, न खाने दूंगा जैसे वादे मोदी सरकार की केवल ड्रामेबाजी थी। वोट और सत्ता हथियाने के लिए पीएम मोदी की यह चाल थी। कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में उन्हें सबक सिखाएगी।' कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन में सोनिया गांधी ने कहा, 'पिछले चार साल से कांग्रेस पार्टी को बर्बाद करने का षड्यंत्र चल रहा है| लेकिन वर्तमान अहंकारी सरकार की साजिशों का पर्दाफाश करने का काम कांग्रेस पार्टी कर रही है| आज देखकर बहुत दुख होता है कि हमारी ऐसी सफल योजनाओं को मोदी सरकार बर्बाद कर रही है। सत्ता के नशे में सरकार मदमस्त है। सत्ता के अहंकार के आगे ना कांग्रेस ना झुकी है ना झुकेगी। विपक्ष के खिलाफ फर्जी मुक़दमे लगाना, मीडिया को सताना, मोदी सरकार यह काम कर रही है। अब कांग्रेस पूरी तरह से मिशन 2019 के लिए कमर कस चुकी है। उन्होंने कहा कि मैं नए अध्‍यक्ष राहुल गांधी को बधाई देना चाहती हूं। उन्होंने बहुत चुनौतीपूर्ण समय में यह जिम्‍मेदारी संभाली है। हम सभी को ऐसे समय में मिल जुलकर उनके साथ काम करना चाहिए। यह समय अपनी निजी आकांक्षाओं को देखना का नहीं है बल्कि ये देखने का है कि पार्टी का हर शख्स उसके लिए क्या-क्या कर सकता है।' यूपीए चेयरपर्सन ने कहा कि कांग्रेस एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि आगे की सोच है। कांग्रेस में लोगों को संपूर्ण भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है।


कांग्रेस फिर से वो पार्टी बने जो देश का एजेंडा तय करे। देश के विभिन्न लोगों की पार्टी की उम्मीदों की पार्टी बने। आज केवल एक ही बात मायने रखती है कि जिस महान पार्टी से हमारा पुराना नाता है, उसे कैसे और मजबूत बनाई जाए ताकि पार्टी को जीत मिले। पार्टी की जीत देश की जीत होगी, पार्टी की जीत सबकी जीत होगी। कांग्रेस पार्टी से सभ्यता की झलक मिलती है। इस दौरान सोनिया गांधी ने अपनी सास और देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने इंदिरा गांधी के चिकमंगलूर चुनाव का उदाहरण दिया। सोनिया ने कहा, 'चालीस साल पहले चिकमंगलूर में इंदिरा जी की शानदार जीत ने देश की राजनीति को बदलकर रख दिया और कांग्रेस फिर शक्तिशाली बनकर उभरी। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि अगले कुछ महीने में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का एक बार फिर ऐसा शानदार प्रदर्शन हो, जिससे देश की राजनीति को एक नई दिशा मिले।' उन्होंने गुजरात चुनाव और उपचुनावों का भी उदाहरण देते हुए कहा, 'गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हमारे हाल के परिश्रम से पता चलता है कि जो देश की राजनीति से हमारे अस्तित्व को मिटाना चाहते थे, उन्हें ये एहसास नहीं था कि लोगों के दिलों में कांग्रेस पार्टी के लिए इतना गहरा सद्भाव है.' सोनिया गांधी ने कहा, 'कांग्रेस ने ही राष्ट्र निर्माण में सबसे ज्यादा योगदान दिया है।



आज हमारे जो चुनौतियां हैं, वो मामूली नहीं है। हमें उसका डटकर सामना करना है। हमें ऐसा भारत बनाना है, जो सत्ता के भय और मनमानी से मुक्त हो। ऐसा भारत जिसमें हर व्यक्ति के जीवन की गरिमा बनी रहे। पक्षपात मुक्त भारत, प्रतिशोध मुक्त भारत, अहंकार मुक्त भारत। इसके लिए हर कांग्रेसजन को बलिदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।' सोनिया गांधी ने कहा कि मुझे दो दशक तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने का गौरव मिला। परिस्थितियों ने मुझे सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रेरित किया। मुझे ऐसे क्षेत्र में आना पड़ा, जहां मैं कभी नहीं आना चाहती थी। पार्टी के कमजोर होने और कठिन परिस्थितियों के चलते मैंने पार्टी के नेतृत्व को संभाला। आपके समर्थन ने मुझे शक्ति दी। आज जब मैं मुड़कर पीछे देखती हूं तो मुझे लगता है कि आप लोगों ने लोगों का दिल और भरोसा जीतने के लिए कितनी मेहनत की है।


गठबंधन की राजनीति का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1988 में पंचमणि के चिंतन शिवर में हुई चर्चा के दौरान आम राय बनी थी कि कांग्रेस को दूसरे दलों से गठबंधन नहीं करना चाहिए लेकिन इसके बाद बदलते माहौल के साथ 2003 के शिमला शिविर में हमने तमाम विचारधाराओं के साथ मिलकर काम किया और 2004 में गठबंधन दलों के साथ मिलकर सरकार बनाई, जो लोगों को असंभव लग रहा था। इसके बाद 2009 में हमें और भी बड़ा जनादेश मिला और यूपीए के दौरान पीएम मनमोहन सिंह के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी।

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