Dr BR Ambedkar Life at a glance | डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जीवन एक नज़र में

Dr BR Ambedkar Life at a glance | डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जीवन एक नज़र में

  1. 1920 में 'मूक नायक' ये अखबार उन्होंने शुरु करके अस्पृश्यों के सामाजिक और राजकीय लढाई को शुरुवात की।
  2. 1920 में कोल्हापुर संस्थान में के माणगाव इस गाव को हुये अस्पृश्यता निवारण परिषद में उन्होंने हिस्सा लिया।
  3. 1924 में उन्होंने 'बहिष्कृत हितकारनी सभा' की स्थापना की, दलित समाज में जागृत करना यह इस संघटना का उद्देश था।
  4. 1927 में 'बहिष्कृत भारत' नामका पाक्षिक शुरु किया।
  5. 1927 में महाड यहापर स्वादिष्ट पानी का सत्याग्रह करके यहाँ की झील अस्प्रुश्योको पिने के पानी के लिए खुली कर दी।
  6. 1927 में जातिव्यवस्था को मान्यता देने वाले 'मनुस्मृती' का उन्होंने दहन किया।
  7. 1928 में गव्हर्नमेंट लॉ कॉलेज में उन्होंने प्राध्यापक का काम किया।
  8. 1930 में नाशिक यहा के 'कालाराम मंदिर' में अस्पृश्योको प्रवेश देने का उन्होंने सत्याग्रह किया।
  9. 1930 से 1932 इस समय इ इंग्लड यहा हुये गोलमेज परिषद् में वो अस्पृश्यों के प्रतिनिधि बनकर उपस्थिति रहे। उस जगह उन्होंने अस्पृश्यों के लिये स्वतंत्र मतदार संघ की मांग की। 1932 में इग्लंड के पंतप्रधान रॅम्स मॅक्ड़ोनाल्ड इन्होंने 'जातीय निर्णय' जाहिर करके अम्बेडकर की उपरवाली मांग मान ली।
  10. जातीय निर्णय के लिये Mahatma Gandhi का विरोध था। स्वतंत्र मतदार संघ की निर्मिती के कारण अस्पृश्य समाज बाकी के हिंदु समाज से दुर जायेगा ऐसा उन्हें लगता था। उस कारण जातीय निवडा के तरतुद के विरोध में गांधीजी ने येरवड़ा (पुणे) जेल में प्रनांतिक उपोषण आरंभ किया। उसके अनुसार महात्मा गांधी और डॉ. अम्बेडकर बिच में 25 डिसंबर 1932 को एक करार हुवा। ये करार 'पुणे करार' इस नाम से जाना है। इस करारान्वये डॉ. अम्बेडकर ने स्वतंत्र मतदार संघ की जिद् छोडी। और अस्पृश्यों के लिये कंपनी लॉ में आरक्षित सीटे होनी चाहिये, ऐसा आम पक्षियों माना गया।
  11. 1935 में डॉ.अम्बेडकर को मुंबई के गव्हर्नमेंट लॉ कॉलेज के अध्यापक के रूप में चुना गया।
  12. 1936 में सामाजिक सुधरना के लिये राजकीय आधार होना चाहिये इसलिये उन्होंने 'इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी' स्थापन कि।
  13. 1942 में 'शेड्युल्ट कास्ट फेडरेशन' इस नाम के पक्ष की स्थापना की।
  14. 1942 से 1946 इस वक्त में उन्होंने गव्हर्नर जनरल की कार्यकारी मंडल 'श्रम मंत्री' बनकर कार्य किया।
  15. 1946 में 'पीपल्स एज्युकेशन सोसायटी' इस संस्थाकी स्थापना की।
  16. डॉ. अम्बेडकर ने घटना मसौदा समिति के अध्यक्ष बनकर काम किया। उन्होंने बहोत मेहनत पूर्वक भारतीय राज्य घटने का मसौदा तयार किया। और इसके कारण भारतीय राज्य घटना बनाने में बड़ा योगदान दिया। इसलिये 'भारतीय राज्य घटना के शिल्पकार' इस शब्द में उनका सही गौरव किया जाता है।
  17. स्वातंत्र के बाद के पहले मंत्री मंडल में उन्होंने कानून मंत्री बनकर काम किया।
  18. 1956 में नागपूर के एतिहासिक कार्यक्रम में अपने 2 लाख अनुयायियों के साथ उन्होंने बौध्द धर्म की दीक्षा ली।
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