अंधविश्वास: अंधविश्वास में फंसकर 900 से ज्यादा लोगों ने किया था सुसाइड, दिल दहला देगी सच्चाई

अमेरिका (America) के जोंसटाउन में 900 से ज्यादा लोगों ने एक साथ जहर पी लिया और मौत के घाट उतर गए थे. यही नहीं जिन लोगों ने जहर नहीं पिया उन लोगों को जबरन जहर (Poison) पिलाया गया था.

Update: 2020-10-15 15:00 GMT

Superstition: अंधविश्वास लोगों को ना जाने क्या नहीं करा लेता, ऐसा ही एक मामला कई साल पहले अमेरिका (America) के गुयाना में देखने को मिला था. जब 900 से ज्यादा लोगों ने एक साथ खुदकुशी (Suicide) कर ली थी. इस घटना को दुनिया की अबतक की सबसे बड़ी आत्महत्या माना जाता है. घटना जोंसटाउन की है. जब 900 से ज्यादा लोगों ने एक साथ जहर पी लिया और मौत के घाट उतर गए. यही नहीं जिन लोगों ने जहर नहीं पिया उन लोगों को जबरन जहर पिलाया गया. 

ये घटना 18 नवंबर, 1978 की है. बताया जाता है कि इस घटना के पीछे जिम जोंस नाम के एक धर्मगुरु का हाथ था. वो खुद को भगवान का अवतार बताता था. जिम जोंस ने खुद को लोगों के बीच प्रसिद्ध करने के लिए जरूरतमंद लोगों की मदद के नाम पर साल 1956 में पीपल्स टेंपल यानि लोगों का मंदिर नाम का एक चर्च बनाया. उसने अपनी धार्मिक और अंधविश्वास के दम पर हजारों लोगों को अपना अनुयायी बना लिया. जिम जोंस कम्युनिष्ट विचारधारा का था और उसके विचार अमेरिकी सरकार से अलग थे. इसलिए वो अपने अनुयायियों के साथ शहर से दूर गुयाना के जंगलों में चला गया. यहीं पर उसने एक छोटा सा गांव भी बसा दिया, लेकिन कुछ दिनों के बाद ही उसकी असलियत लोगों के बीच आने लगी.

जिम जोंस अपने अनुयायियों से दिनभर काम कराता और रात में जब वो थक-हारकर सोने के लिए जाते तो वो उन्हें सोने भी नहीं देता था और अपना भाषण शुरू कर देता था. इस दौरान उसके सिपाही घर-घर जाकर देखते थे कि कहीं कोई सो तो नहीं रहा. अगर कोई भी सोता मिलता तो उसे कड़ी सजा दी जाती. यहां तक कि वो लोगों को गांव से बाहर भी नहीं जाने देता. पुरुष और महिलाएं जब काम करती थीं, तो उनके बच्चों को एक कम्युनिटी हॉल में रखा जाता था. उसके सिपाही गांव के चारों ओर दिन-रात पहरा देते रहते थे, ताकि कोई वहां से भाग कर ना जा सके. उन्हीं दिनों अमेरिकी सरकार को वहां हो रही गतिविधियों के बारे में पता चला तो सरकार ने कार्रवाई करने के बारे में सोचा. लेकिन इसका पता जिम जोंस को भी चल गया और उसने अपने सभी अनुयायियों को एक जगह इकट्ठा होने को कहा.

कहा जाता है कि इस दौरान जोंस ने लोगों से कहा, अमेरिकी सरकार हम सबको मारने आ रही है. इससे पहले कि वो हमें गोलियों से छलनी करें, हम सबको पवित्र जल पी लेना चाहिए. ऐसा करने से हम गोलियों के दर्द से बच जाएंगे. जोंस ने पहले ही एक बड़े से टब में खतरनाक जहर मिलाकर एक सॉफ्ट ड्रिंक बनवा लिया था और लोगों को पीने के लिए दे दिया. इस दौरान जिसने भी जहरीला ड्रिंक पीने से मना किया, उन्हें जबरन पिलाया गया. इस जहर को पीने से 900 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. इनमें 300 से ज्यादा बच्चे भी शामिल थे. उसके बाद जिम जोंस ने भी खुद को गोली मारकर खत्म कर लिया.

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