हाथरस केस: जबरन दाह संस्कार की वकालत कर रहे थे संबित पात्रा, रोहित सरदाना की जगी आत्मा, फिर जो हुआ खुद ही पढ़ लीजिये

Update: 2020-10-03 07:46 GMT

नई दिल्ली। हाथरस की दलित बेटी के साथ दरिंदगी की घटना पर देश भर में आक्रश है। मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक में ये मामला प्रमुखता से छाया हुआ है। हाथरस केस में जमकर राजनीति भी हो रही है। जहां विपक्षी दल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साध रहे हैं तो वहीं बीजेपी इस पूरे मामले में बचाव की मुद्रा में दिख रही है।

हाथरस में दलित लड़की के साथ हुई हैवानियत पर हिंदी न्यूज चैनल आजतक पर एक डिबेट का कार्यक्रम रखा गया। इस शो में तमाम पैनलिस्ट्स के साथ कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह मौजूद थे तो वहीं बीजेपी की तरफ से उनके राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा शामिल रहे। शो की एंकरिंग कर रहे थे रोहित सरदाना। शो में एक वक्त ऐसा आया जब रोहित सरदाना संबित पात्रा पर भड़क गए औऱ लगभग फटकारने लगे।

दरअसल हुआ ये कि एंकर रोहित सरदाना ने संबित पात्रा से पूछा कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि आधी रात को पीड़िता का शव बिना उसके घरवालों की मर्जी के जला दिया गया? पुलिस के ऐसा करने के पीछे क्या मंशा थी? संबित पात्रा ने इस सवाल का जवा'ब देते हुए पहले तो कहा कि हाथरस में उस बेटी के साथ जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था..ये बेहद तकलीफदेह है। हर मां-बाप चाहता है कि अंतिम संस्कार से पहले वह अपने बच्चे को एक बार देखे।

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संबित पात्रा की ये बातें सुन शो के एंकर ने बीच में टोका औऱ बोला कि आप भूमिका बां'धना बंद कीजिए और जवाब दें कि आधी रात में शव क्यों जलाया गया। संबित पात्रा ने बोला कि भूमिका बांधना जरूरी है। पुलिस ने शायद शव का अंतिम संस्कार इसलिए कर दिया कि कहीं दो समुदायों के बीच हिं'सा ना भड़क जाए।

संबित पात्रा ने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश के एडीजी ने आपके चैनल पर ही कहा है कि अंतिम संस्कार मृतक के परिवार वालों की मर्जी से हुआ है। आधी रात में पीड़िता के शव को पुलिस द्वारा जलाने को जस्टिफाई करते संबित पात्रा की बातें सुन एंकर भड़क गए।

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