3 नोबेल विजेताओं ने गेट्स फाउंडेशन को पत्र लिखकर की apeelकहा फाउंडेशन मोदी को न दें अवार्ड

Update: 2019-09-22 07:28 GMT

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्हें बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना किया है। पीएम मोदी को यह अवार्ड 24 सितंबर को दिया जाएगा। पीएम मोदी को बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा दिए जाने वाले अवार्ड को लेकर तीन नोबेल शांति पुरुस्कार विजेताओं ने विरोध जताया है। नोबेल विजेता शिरीन एबादी, तवाक्कुल अब्दील-सलाम कामरान और मैरियड मैगुअर ने गेट्स फाउंडेशन को लिखे अपने पत्र में कहा है कि फाउंडेशन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ग्लोबल गोलकीपर अवॉर्ड न दें।                              

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पत्र में कहा गया है कि हम लंबे समय से बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के कार्यो के प्रशसक रहे हैं। यह फाउडेंशन वर्षो से काफी सराहनीय कार्य कर रहा है। फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे विभिन्न प्रकार के परोपकार प्रशंसनीय हैं और अतुल्य हैं। हम महात्मा गांधी और उनके द्वारा बनाए गए राष्ट्र सम्मान, सहिष्णुता और समानता के भी प्रशंसक हैं। हकीकत में, गांधी के विचार आपके संगठन में भी परिलक्षित होते हैं, क्योंकि आपकी वेबसाइट पर पहला संदेश सभी जीवन का समान मूल्य है। पत्र में तीनो विजेताओं की तरफ से कहा गया है कि हमे उस समय बेहद निराशा और दुःख हुआ जब हमे पता चला कि बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन इस महीने के अंत में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवार्ड देकर सम्मानित करने जा रहा है।                                     

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पत्र में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भारत में अल्पसंख्यको खासकर मुस्लिमों, ईसाइयों और दलितों पर हमले बढ़े हैं। साथ ही लोकतंत्र और मानवाधिकार दोनों ही कमजोर हुए हैं। जबकि आपके फाउंडेशन का मिशन है जीवन को संरक्षित करना और असमानता से लड़ना है। पत्र में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा गया है कि 2014 में जब से भारत में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी सत्ता में आई है तब से संगठित लोगों की ओर से हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं जिसने कानून के शासन को कमजोर किया है।                                              


पत्र में भारत के अंदरूनी हालातो को लेकर चिंता जताई गयी है। पत्र में कहा गया है कि असम और कश्मीर की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। असम में 19 लाख भारतीयों की नागरिकता छीन ली गई, जबकि कश्मीर में पिछले महीने से 80 लाख कश्मीरी को फोन या इंटरनेट सेवा के बिना रखा हुआ है तथा अगस्त से राज्य में 8 लाख भारतीय सुरक्षा बल तैनात किए जा चुके हैं। पत्र में 2002 के गुजरात दंगो का ज़िक्र भी किया गया है। पत्र में कहा गया है कि भारत के अंदर और भारत के बाहर के बुद्धजीवियों ने अभी तक नरेंद्र मोदी को गुजरात के 2002 हिंसा के आरोप से मुक्त नहीं किया है। इसी कारण यूनिटेड स्टेटस ऑफ अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में प्रवेश करने पर दस वर्षो तक प्रतिबन्ध लगा रहा।                                    


कौन हैं पत्र लिखने वाले नोबेल विजेता :                             

बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन को पत्र लिखने वाले तीन नोबेल पुरुस्कार विजेताओं में शिरीन एबादी को 2003 में नोबेल शांति मिला, जबकि तवाक्कुल अब्दील-सलाम कामरान को 2011 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला और मैरियड मैगुअर को 1976 में नोबल शांति पुरस्कार मिला है।

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