सपा कार्यकर्ताओं- पुलिस में घमासान: मेरठ में यात्रा पर बवाल, 50 कार्यकर्ता हिरासत में

इस मौके पर मीडिया से बातचीत में सपा जिलाध्यक्ष राजपालसिह ने पलिस प्रशासन पर सपा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह शांतिपूर्वक किसानों के समर्थन में किसान यात्रा निकाल रहे थे।

Update: 2020-12-07 10:30 GMT

मेरठ: किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में आठ दिसंबर को प्रस्तावित भारत बंद की तैयारी तेज कर दी हैं। जिले के तमाम किसान संगठन हाईवे जाम करेंगे। किसान नेताओं ने बंद के लिए समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ मेरठ में आज सुबह किसान यात्रा निकाल रहे सपा जिला अध्यक्ष समेत करीब 50 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया जब वह जेल रोड स्थित पार्टी कार्यालय से कमिश्नरी चौराहे की ओर जा रहे थे। किसान आंदोलन को समर्थन देने और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हंगामे और झड़प के बीच पुलिस पुलिस लाइन ले गई। जहां पुलिस की घेराबंदी में सपाई सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।

शांतिपूर्वक किसानों के समर्थन में किसान यात्रा

इस मौके पर मीडिया से बातचीत में सपा जिलाध्यक्ष राजपालसिह ने पलिस प्रशासन पर सपा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह शांतिपूर्वक किसानों के समर्थन में किसान यात्रा निकाल रहे थे। कमिश्नरी चौराहे से कार्यकर्ता गांव गांव जाते। लेकिन सरकार के निर्देश पर पुलिस ने बलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। किसानों का समर्थन भी नहीं कर सकते। सरकार के इस रवैये की निंदा करते हैं।

उधर, सपा के महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी समेत करीब एक दर्जन सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस गिरफ्तार करके दौराला थाने ले गई है। महानगर अध्यक्ष का कहना है कि किसानों के समर्थन में भी अब आवाज नहीं उठा सकते हैं। यह सरकार का तानाशाही रवैया है। लोकतंत्र है, सबको अपनी बात रखने की आजादी है। पार्टी के निर्देश पर कार्यकर्ता किसानों के समर्थन में गांव-गांव जाकर किसान से बात करते। लेकिन पुलिस ने जेल रोड स्थित पार्टी कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया है।


सपा विधायक के घर पर रविवार देर रात पहुंची पुलिस

इससे पहले मेरठ से सपा विधायक रफीक अंसारी के घर पर रविवार देर रात पुलिस पहुंची। विधायक का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घर में नजरबंद रहने को कहा है। जबकि पुलिस ने नजरबंद करने से इंकार किया है। विधायक ने कहा कि सीओ कोतवाली और थानाध्यक्ष आए और कहा कि शासन का आदेश है। 8 दिसंबर तक घर में ही रहना होगा। दो पुलिस अधिकारियों को भी घर पर तैनात कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के आंदोलन को सरकार पुलिस के दमन चक्र से कुचलना चाहती है। सपा इसका कड़ा विरोध करती है।

उधर भाकियू जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने कल के भारत बंद की तैयारियों के संबंध में बताया कि उनका संगठन मेरठ-दिल्ली हाईवे को दौराला में और मेरठ-करनाल हाईवे को दबथुआ गांव के सामने जाम करेगा। सरदार वीएम सिंह के संगठन राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह ने बताया कि मवाना में पौड़ी हाईवे जाम किया जाएगा। भाकियू तोमर के प्रेस प्रवक्ता सुशील पटेल ने बताया कि उनका संगठन छोटा मवाना में हाईवे जाम करेगा। भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी ने कहा कि उनके कार्यकर्ता सभी जाम प्वाइंट पर किसानों का समर्थन करेंगे।

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