Indian Army Day 2021: देश मना रहा 73वां सेना दिवस, जानिए इस दिन का इतिहास

1899 में कर्नाटक के कुर्ग में जन्मे फील्ड मार्शल करिअप्पा ने महज 20 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी शुरू की थी। करियप्पा ने 1947 में भारत-पाक के बीच हुए युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था। भारत-पाक आजादी के वक्त उन्हें दोनों देशों की सेनाओं के बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 1953 में करिअप्पा सेना से रिटायर हो गए थे।

Update: 2021-01-15 05:39 GMT

Indian Army Day 2021: देश मना रहा 73वां सेना दिवस, जानिए इस दिन का इतिहास

Indian Army Day 2021: देश के सैनिकों की वीरता, अदम्य साहस, शौर्य को सम्मानित करने और उनकी कुर्बानी को याद करते हुए हर साल 15 जनवरी को फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के सम्मान में सेना दिवस मनाया जाता है। साल 1949 में आज ही के दिन भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर की जगह लेफ्टिनेंट जनरल के एम करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान ली थी। करियप्पा पहले ऐसे ऑफिसर थे जिन्हें फील्ड मार्शल की रैंक दी गई थी।

1899 में कर्नाटक के कुर्ग में जन्मे फील्ड मार्शल करिअप्पा ने महज 20 वर्ष की उम्र में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में नौकरी शुरू की थी। करियप्पा ने 1947 में भारत-पाक के बीच हुए युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था। भारत-पाक आजादी के वक्त उन्हें दोनों देशों की सेनाओं के बंटवारे की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 1953 में करिअप्पा सेना से रिटायर हो गए थे।

आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल 1895 को भारतीय थलसेना का गठन करके ईस्ट इंडिया कंपनी के सैनिकों को भारतीय थलसेना में शामिल किया गया था। उस वक्त इसे ब्रिटिश इंडियन आर्मी के नाम से जाना जाता था। आजादी के बाद इसे ही नेशनल आर्मी कहा गया। आजादी के बाद भी 1949 तक ब्रिटिश सेना के अधिकारी ही आर्मी चीफ के पद पर तैनात रहे। भारतीय आर्मी का गठन 1776 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में किया था, इंडियन आर्मी चीन और अमेरिका के साथ दुनिया की तीन सबसे आर्मी में शामिल है।

आपको बता दें कि भारत में कुल 1.4 मिलियन सक्रिय सेना और 11.55 आरक्षित बल हैं, साथ ही 20 लाख अर्धसैनिक बल हैं। देश के 80% सक्रिय रक्षा कर्मियों की तुलना में, भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी स्वयंसेवी सेना है। खास बात ये है कि भारतीय सेना दुनिया की उन कुछ सेनाओं में से एक है जिसने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की है और इसकी शांति सेना अपने प्रतिपक्षीय प्रयासों के लिए जानी जाती है।

सेना दिवस के मौके पर दिल्ली में सेना कमान मुख्यालय के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में सैन्य परेड और शक्ति प्रदर्शन के अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। आर्मी डे के तमाम कार्यक्रमों में से यह सबसे बड़ा आयोजन होता है। जनरल ऑफिसर कमांडिंग, हेडक्वार्टर दिल्ली की अगुवाई में परेड निकाली जाती है। इस दिन सेना के कई दस्ते और रेजिमेंट परेड में हिस्सा लेते हैं, इसके साथ कई झांकियां भी निकाली जाती हैं। आर्मी चीफ सलामी लेते हुए परेड का निरीक्षण करते हैं।

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