LPG PNG Update: 19 दिन में बिके 13 लाख छोटे गैस सिलेंडर, PNG कनेक्शन की डिमांड में भी आया भारी उछाल
LPG PNG Update: मिडिल ईस्ट क्राइसिस के बीच भारत सरकार ने गैस सप्लाई को लेकर उठाया बड़ा कदम। 5 किलो वाले LPG सिलेंडरों की बिक्री बढ़ी, कमर्शियल सप्लाई घटाकर घरों को दी जा रही गैस।
LPG PNG Update: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण पैदा हुए ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस के बीच भारत सरकार ने घरेलू गैस सप्लाई को लेकर एक बड़ा मास्टर प्लान लागू किया है। सरकार की इस स्ट्रैटेजी का असर अब आंकड़ों में साफ नजर आने लगा है। पिछले 19 दिनों में देशभर में 5 किलो वाले छोटे LPG सिलेंडरों की बिक्री 13 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। इसके साथ ही पीएनजी (PNG) कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों की संख्या में भी जबर्दस्त उछाल आया है।
13 लाख से ज्यादा बिके 5 किलो वाले सिलेंडर
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक देश में 13 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। सबसे खास बात यह है कि इनकी रोजाना बिक्री 1 लाख यूनिट का आंकड़ा भी पार कर चुकी है। बाजार मूल्य पर उपलब्ध ये छोटे सिलेंडर खासतौर पर प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत बनकर उभरे हैं, जिनके पास सब्सिडी वाले रेगुलर कनेक्शन मौजूद नहीं हैं।
4 लाख से ज्यादा जोड़े गए नए PNG कनेक्शन
छोटे सिलेंडरों की बढ़ती डिमांड के साथ ही पाइप लाइन से मिलने वाली नेचुरल गैस (PNG) के कनेक्शन में भी जबर्दस्त तेजी देखी गई है। मार्च से अब तक 4.24 लाख से ज्यादा नए PNG कनेक्शन बांटे गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि गैस की इस किल्लत के बीच करीब 30,000 ग्राहकों ने अपने रेगुलर एलपीजी कनेक्शन को छोड़कर पीएनजी को अपना लिया है। इस शिफ्टिंग से मार्केट में गैस की ओवरऑल डिमांड का प्रेशर काफी हद तक बैलेंस हुआ है।
कमर्शियल गैस सप्लाई में की गई कटौती
इस एनर्जी क्राइसिस के दौरान सरकार ने घरेलू ग्राहकों को टॉप प्रायोरिटी पर रखा है। घरों में कुकिंग गैस की कोई कमी न हो, इसके लिए होटलों और रेस्टोरेंट्स जैसे कमर्शियल यूजर्स के लिए एलपीजी की सप्लाई में कटौती कर दी गई है।
मिडिल ईस्ट क्राइसिस का ग्लोबल सप्लाई पर असर
मिडिल ईस्ट में करीब छह हफ्तों तक चले संघर्ष का असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर पड़ा है। आपको बता दें कि भारत अपनी जरूरत का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से इंपोर्ट करता है। इसमें लगभग आधा क्रूड ऑयल, 40 प्रतिशत गैस और 85 से 90 प्रतिशत तक एलपीजी शामिल है।
इंटरनेशनल सप्लाई चेन प्रभावित होने के बावजूद सरकार और तेल कंपनियों (इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल) ने हालात को काफी अच्छे से कंट्रोल किया है। सरकारी जानकारी के अनुसार, घरेलू एलपीजी सप्लाई फिलहाल पूरी तरह से स्टेबल है। अकेले 11 अप्रैल को देशभर में 52 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर किए गए। डिलीवरी सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए लगभग 98 प्रतिशत डिमांड ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ही पूरी की जा रही है।