अर्नब गोस्वामी की मुसीबतें बढ़ी, 34 फिल्म निर्माताओं ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा

रिपब्लिक टीवी और इस न्यूज चैनल के संपादक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें लगती बढ़ती ही जा रही हैं। उनके और उनके चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। यह टिप्पणी टीवी बहस के दौरान कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने पर दर्ज कराई गई है।

Update: 2020-10-12 15:12 GMT

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नई दिल्ली: फिल्म एक्टर सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस और बॉलीवुड ड्रग्स केस को लेकर जिस तरह की खबरें समाचार चैनल्स पर आजकल प्रसारित की जा रही हैं। उससे मुंबई के कुछ फिल्म निर्माता बेहद ही खफा है। बॉलीवुड संगठनों और 34 फिल्म निर्माताओं ने उद्योग से जुड़े लोगों के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर मीडिया ट्रायल चलाने पर दिल्ली हाईकोर्ट से रोक लगाने की मांग की है।

उन्होंने दो चैनलों रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ का भी नाम लिया है और कोर्ट से ये कहा है कि इन दोनों चैनलों को फिल्म उद्योग के प्रति कथित गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक टिप्पणियां प्रकाशित करने से रोका जाये। उन्होंने कोर्ट में दायर याचिका के माध्यम से रिपब्लिक टीवी, इसके एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी, रिपोर्टर प्रदीप भंडारी, टाइम्स नाउ, इसके एडिटर इन चीफ राहुल शिवशंकर, ग्रुप एडिटर नविका कुमार व अज्ञात प्रतिवादियों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बॉलीवुड के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों पर तत्काल रोक लगाने को कहा है।

कोर्ट में ये याचिका डीएसके लीगल फर्म की ओर से दायर की गई है। जिसमें ये साफ –साफ कहा गया है कि इस तरह का कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि ये तमाम समाचार चैनल बॉलीवुड के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे। इन चैनलों ने बॉलीवुड को गंदगी से लबरेज बताया और जितने भी आपत्तिजनक शब्द होते हैं वो सब बॉलीवुड के लिए इस्तेमाल किये।

अर्नब के खिलाफ केस दर्ज

रिपब्लिक टीवी और इस न्यूज चैनल के संपादक अर्नब गोस्वामी की मुश्किलें लगती बढ़ती ही जा रही हैं। उनके और उनके चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। यह टिप्पणी टीवी बहस के दौरान कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने पर दर्ज कराई गई है।

अर्नब के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने की धारा 120 बी, दंगा भड़काने की नीयत से उकसाने की धारा 153, धर्म और भाषा के आधार पर उकसाने की धारा 153 ए, धार्मिक भावनाएं भड़काने की धारा 295 ए, धार्मिक भावनाओं को आहत करने की धारा 298 मानहानि की धारा 500, समुदायों को बीच वैमन्स्य फैलाने की धारा 505 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

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