सत्ता का घमंड : इंटरनेट बंदी के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर नुकीले तारों की बैरिकेडिंग, पुलिस ने रातोंरात की किलेबंदी

26 जनवरी को हुए बवाल के बाद कमजोर हुआ किसान आंदोलन एक बार फिर अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। ऐसे में गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया है।

Update: 2021-01-31 07:40 GMT

नई दिल्ली: किसान आंदोलन अपने दूसरे दौर में हैं। धरना प्रदर्शन खत्म करवाने में जुटी पुलिस प्रशासन ने गाजीपुर बॉर्डर को छावनी बना दिया। किसान नेता राकेश टिकैत आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं। वे एक बार फिर पूरी ताकत से दिल्ली पहुँच रहे हैं। वहीं पुलिस ने किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए तैयारियां सख्त कर दी है।

गाजीपुर बॉर्डर पर रातोंरात किलेबंदी:

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने महापंचायत का दौर शुरू कर दिया है। 26 जनवरी को हुए बवाल के बाद कमजोर हुआ किसान आंदोलन एक बार फिर अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। ऐसे में गाजीपुर बॉर्डर को किले में तब्दील कर दिया गया है। किसानों के बढ़ती संख्या के मद्देनजर गाजीपुर बॉर्डर पर देर रात 12 लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही नुकीले तार भी लगाए गए हैं। एनएच 24 को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। नोएडा सेक्टर 62 से अक्षरधाम जाने वाले रास्ते को भी पूरी तरह बंद किया गया है।

यूपी-हरियाणा में महापंचायत

वहीं यूपी के मुजफ्फरनगर से शुरु हुई किसान महापंचायत अब पूरे प्रदेश और हरियाणा तक पहुंच चुकी है। किसान आंदोलन को धार देने के लिए शुरु हुईं पंचायतों में आंदोलन की नई रणनीति तय होगी। इसके लिए अब किसान नेताओं ने यूपी और हरियाणा में किसान महापंचायत करने का ऐलान किया है।

गाजीपुर बॉर्डर पर बढ़ रही किसानों की संख्या

वैसे तो 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद 1 फरवरी को बजट सत्र के मौके पर प्रस्तावित संसद मार्च को रद्द करने का एलान किया गया था लेकिन जिस तरह से गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा लग रहा है, उसे देख कर ऐसी आशंका है कि किसान दिल्ली कूच कर सकते हैं। पुलिस को आशंका है कि एक फरवरी को बजट सत्र के दौरान किसान एक बार फिर से दिल्ली की तरफ कूच कर सकते हैं। इसी वजह से बॉर्डर पर 12 लेयर की बैरिकेडिंग की गई है।

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