Viswanathan Anand Biography in Hindi | विश्वनाथन आनंद का जीवन परिचय

Viswanathan Anand Biography in Hindi | विश्वनाथन आनंद एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी और पूर्व वर्ल्ड चेस चैंपियन हैं। 1988 में आनंद भारत के पहले ग्रांड मास्टर बने। उन्होंने 2000 से 2002 के बीच एफआईडीई वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप कराई। 2007 में वह विश्व चैंपियन बने और 2008 में भी अपना टाइटल रूस के व्लादिमिर क्रेमनिक को हराकर बरकरार रखा।

Update: 2020-11-24 18:31 GMT

Viswanathan Anand Biography in Hindi विश्वनाथन आनंद का जीवन परिचय

Viswanathan Anand Biography in Hindi | विश्वनाथन आनंद का जीवन परिचय

  • पूरा नाम विश्वनाथन आनंद
  • जन्म 11 दिसम्बर 1969
  • जन्मस्थान मयिलादुठुरै, तमिलनाडु
  • पिता विश्वनाथन अय्यर
  • माता सुशीला
  • पत्नी अरुणा आनंद
  • पुत्र अखिल आनंद
  • शिक्षा बैचलर ऑफ कॉमर्स
  • व्यवसाय भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर
  • पुरस्कार पद्म विभूषण, राजीव गांधी खेल रत्न, पद्म श्री
  • नागरिकता/ भारतीय

शतरंज मास्टर विश्वनाथन आनंद (Viswanathan Anand Biography in Hindi)

Viswanathan Anand Biography in Hindi | विश्वनाथन आनंद एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी और पूर्व वर्ल्ड चेस चैंपियन हैं। 1988 में आनंद भारत के पहले ग्रांड मास्टर बने। उन्होंने 2000 से 2002 के बीच एफआईडीई वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप कराई। 2007 में वह विश्व चैंपियन बने और 2008 में भी अपना टाइटल रूस के व्लादिमिर क्रेमनिक को हराकर बरकरार रखा।

प्रारंभिक जीवन (Viswanathan Anand Early Life)

विश्वनाथ आनंद का जन्म 11 दिसंबर, 1969 को तमिलनाडु के एक छोटे से शहर मयिलाडुथराई में हुआ। उनके पिता का नाम विश्वनाथन अय्यर और उनकी माता का नाम सुशीला था। उनके पिता विश्वनाथन अय्यर, दक्षिणी रेलवे के एक रिटायर्ड मैनेजर थे। जबकि उनकी मां सुशीला देवी शतरंज ट्रेनर और प्रभावशाली समाज सुधारिक थी।

शिक्षा (Education)

विश्वनाथन आनंद ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के एग्मोरे में स्थित डॉन बॉस्को मैट्रीकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल से की और उन्होंने कॉमर्स विषय से ग्रेजुएशन की पढ़ाई चेन्नई के ही लोयोला कॉलेज से पूरी थी।

विवाह और बच्चे (Viswanathan Anand Marriage and Children)

विश्वनाथन आनंद ने अरुणा आनंद के साथ शादी की थी। शादी के बाद साल 2011 में एक बेटा पैदा हुआ था, जिसका नाम अखिल है। 

शतरंज करियर (Viswanathan Anand Chess Career)

  • विश्वनाथ आनंद अपनी मां की वजह से ही शतरंज खेल की तरफ आर्कषित हुए थे। उनकी मां ने 6 साल की उम्र से ही उन्हें शतरंज खेलने की ट्रेनिंग शुरु कर दी थी। 14 वर्ष की उम्र में इन्होंने नेशनल सब-जूनियर चैंपियनशिप जीती। ये 1983 से 1986 तक नेशनल जूनियर चैंपियनशिप के चैंपियन भी बने रहे।
  • 2000 से 2002 तक FIDE विश्व शतरंज चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर अपनी शतरंज खेलने की अनूठी प्रतिभा से सबको हैरान कर दिया था। 2007 में विश्वनाथन आनंद ने वर्ल्ड शतरंज चैम्पियनशिप जीतकर पूरी दुनिया में अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरा था। 
  • 2008 में आयोजित वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप में विश्वनाथन आनंद ने ब्लादिमीर क्रैमनिक को हराकर अपनी जीत का खिताब बरकरार रखा। इस जीत के बाद वे शतरंज चैंपियनशिप के नॉकआउट, टूर्नामेंट और मैच में जीतने वाले वर्ल्ड शतरंज इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए थे।
  • 2010 में विश्वनाथ आनंद का मुकाबला बुल्गारिया के दिग्गज वेसेलिन टोपालोव से हुआ और उन्हें वर्ल्ड चैस चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम किया।
  • लगातार अपने बेहतरीन प्रदर्शन से सफलता हासिल कर रहे विश्वनाथ आनंद ने साल 2012 में भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और बोरिस गेलफैंड को हराकर एक बार फिर से विश्व चैस चैम्पियनशिप अपने नाम की।
  • 2013 और 2014 विश्वनाथ आनंद के लिए निराशाजनक रहा। इस दौरान उन्हें मैग्नस कार्ललन से दोनों बार हार का सामना करना पड़ा। 
  • 2018 में विश्वनाथन आनंद ने कोलकाता में पहला टाटा स्टील शतरंज भारत ब्लिट्ज टूर्नमेंट का खिताब जीता। इस टूर्नामेंट में आनंद पहले चरण के बाद चौथे स्थान पर थे, लेकिन आखिरी दिन उन्होंने 6 बाजियां जीती और उन्होंने तीन ड्रॉ खेली और वह विश्व में तीसरे नंबर के अमेरिकी नाकामुरा की बराबरी पर पहुंच गए थे।

पुरुस्कार (Viswanathan Anand Awards)

  • 1985 में विश्वनाथन आनंद को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • साल 1987 में विश्वनाथन को भारत के सर्वोच्च सम्मानों में से एक पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • इसके अलावा 1987 में ही उन्हें राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार और सोवियत लैंड जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
  • 1991-92 में विश्वनाथन आनंद को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे खेल के क्षेत्र में मिलने वाले इस सबसे बड़े पुरस्कार को पाने वाले पहले खिलाड़ी हैं।
  • साल 1998 में विश्वनाथन आनंद को स्पोर्ट्स स्टार मिलेनियम अवार्ड से नवाजा गया था।
  • साल 2000 में विश्वनाथन को अपनी अनूठी शतरंज खेल प्रतिभा के लिए पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया था।
  • साल 2007 में विश्वनाथन आनंद को भारत सरकार की तरफ से पद्म विभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
  • शतरंज के जादूगर माने जाने वाले विश्वनाथ आनंद कई खिलाडि़यों के आदर्श हैं। चैस के लाखों प्रशंसक उनके चैस खेलने की अद्भुत शैली के कायल हैं।
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