गाजियाबाद: मुरादनगर में गिरा श्मशान घाट का लेंटर, अब तक 12 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

ये हादसा उस वक्त हुआ जब लोग शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे. इसी दौरान लेंटर गिरा और उसके मलबे में कई लोग दब गए. फिलहाल मलबे से 12 लोगों के शवों को बाहर निकाल लिया गया है.

Update: 2021-01-03 09:50 GMT

गाजियाबाद: मुरादनगर में गिरा श्मशान घाट का लेंटर, अब तक 12 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में बड़ा हादसा हुआ है. मुरादाबाद इलाके में बारिश के बीच यहां एक श्मशान घाट का लेंटर गिर गया है. लेंटर गिरने से मलबे में कई लोग दब गए. फिलहाल 12 लोगों के शव को बाहर निकाल लिया गया है. अभी भी मलबे में कई और लोगों के दबे होने की आशंका है. लोगों को मलबे से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद हैं. इसके अलावा एनडीआरएफ की टीम भी लोगों को मलबे से बाहर निकाल रही है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कई लोगों को बाहर निकाल लिया गया है.

अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे लोग

जानकारी के मुताबिक मुरादनगर में रहने वाले फल विक्रेता राजाराम की आज सुबह मौत हो गई थी. राजाराम के परिजन और उनके जानकार मुरादनगर के श्मशान घाट में उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे. अंतिम संस्कार के बाद जब बारिश होने लगी तो लोग बारिश से बचने के लिए लेंटर के नीचे खड़े हो गए. उसी दौरान ये लेंटर भरभरा कर गिर गया. इस हादसे में 40 से अधिक लोगों की दब गए हैं। घटने की जानकारी पाकर मौके पर पहुंची पुलिस की टीम मलबे में दबे लोगों को रेस्क्यू कर रही है। अभी तक तीन लोगों के मरने की खबर है लेकिन प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है।बता दें कि दयानंद कॉलोनी निवासी दयाराम की रात को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार में 100 से ज्यादा मोहल्लेवासी व रिश्तेदार शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की अंतिम प्रक्रिया चल रही थी। पुजारी के आह्वान पर सभी लोग श्मशान घाट परिसर में बने भवन के अंदर खड़े होकर आत्म शांति पाठ कर रहे थे। इसी दौरान एक तरफ की अचानक जमीन धंस गई। परिणाम स्वरूप दीवार नीचे बैठ गई और लेंटर गिर गया।


हादसे में किसी को भागने तक का मौका नहीं मिला। चीखपुकार के बीच कुछ लोग उसके अंदर ही मलबे में दब गए जबकि कुछ ने बमुश्किल दौड़कर अपनी जान बचाई। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। भवन ज्यादा पुराना नहीं था। आशंका है कि भराव की जमीन में भवन बना था। अधिक बारिश में मिट्टी बैठने से घटना हुई है। पुलिस मलबे से दबे लोगों को बाहर निकालने में लगी है। घायलों को अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छानबीन चल रही है। बता दें कि मुरादनगर में सुबह 3 बजे से 8:30 बजे तक बारिश हुई। बीच मे कुछ देर बंद रही फिर बारिश शुरू हो गयी। जो भवन गिरा है, वह करीब दस साल पुराना है, नगरपालिका ने उसे बनाया था।

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