2022 में समाजवादी पार्टी की ऐतिहासिक जीत होगी: अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज संतकबीरनगर में हुई वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा किसानों को डराना चाहती है, पर किसान डरने वाला नहीं है. तीन कृषि कानूनों के विरूद्ध किसानों का देश व्यापी आंदोलन जारी है. उनके साथ अन्याय हो रहा है. समाजवादी पार्टी भी उनके संघर्ष में साथ है.

Update: 2020-12-22 07:56 GMT

Farmers Protest: अखिलेश यादव ने मोदी सरकार की खोली पोल, कह दी ये बड़ी बात

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज संतकबीरनगर में हुई वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा किसानों को डराना चाहती है, पर किसान डरने वाला नहीं है. तीन कृषि कानूनों के विरूद्ध किसानों का देश व्यापी आंदोलन जारी है. उनके साथ अन्याय हो रहा है. समाजवादी पार्टी भी उनके संघर्ष में साथ है.

भाजपा जो कानून लाई है वह किसान विरोधी है और उससे कुछ पूंजीपतियों को ही लाभ मिलेगा. इस सरकार से किसान, नौजवान, व्यापारी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक सभी परेशान है. भाजपा सरकार अब अंतिम सांसे ले रही है. जनता का सहयोग समाजवादी पार्टी के साथ है. 2022 में समाजवादी पार्टी की ऐतिहासिक जीत होगी.

यादव ने रात में रैली के संयोजक सुनील सिंह की गिरफ्तारी को अवैध और निंदनीय बताते हुए कहा कि भाजपा सत्ता का दुरूपयोग करने से बाज आए. भाजपा का लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है. हिरासत में मौतों और फर्जी एनकाउंटरों पर मानवाधिकार आयोग राज्य सरकार को कई नोटिसें जारी कर चुका है. महिलाओं के साथ दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं से पूरे देश में बदनामी हो रही है. नौजवानों को नौकरी मिली नहीं. 4 लाख करोड़ का निवेश कहा हुआ, पता नहीं. गोरखपुर में एम्स आयुर्विज्ञान संस्थान अभी तक बन नहीं पाया.

अखिलेश ने कहा कि किसानों के साथ भाजपा ने बड़ा धोखा किया है. एमएसपी मिली नहीं. आय दुगनी हुई नहीं. धान की कीमत 1100 रूपये से ज्यादा नहीं मिली. क्रय केन्द्रों में खरीद नहीं हो रही है. लागत का ड्योढ़ा दाम भी नहीं मिला. किसान को मंहगी खाद, डीजल, कृषि उपकरण खरीदने पड़ रहे हैं. धान की लूट हुई है. गन्ना किसानों को 4 वर्ष में भी बकाया राशि नहीं मिली. बिजली मंहगी है. भाजपा सरकार ने अपने शासन काल में एक यूनिट विद्युत उत्पादन नहीं किया. रोजगार नहीं है. कारखाने बंद हैं. विकास कार्य धुआं हो गए हैं. मुख्यमंत्री का किसानों से कोई मतलब नहीं है. भाजपा धोखे से सत्ता में आई है.

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