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Asha Bhosle Biography in Hindi | आशा भोंसले का जीवन परिचय

Asha Bhosle Biography in Hindi | आशा भोंसले हिन्दी फ़िल्मों की मशहूर पार्श्वगायिका हैं। लता मंगेशकर की छोटी बहन और दिनानाथ मंगेशकर की पुत्री आशा ने फिल्मी और गैर फिल्मी लगभग 16 हजार गाने गाये हैं और इनकी आवाज़ के प्रशंसक पूरी दुनिया में फैले हुए हैं।

Asha Bhosle Biography in Hindi | आशा भोंसले का जीवन परिचय
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Asha Bhosle Biography in Hindi | आशा भोंसले का जीवन परिचय

Asha Bhosle Biography in Hindi | आशा भोंसले का जीवन परिचय

  • पूरा नाम आशा भोसले
  • जन्म 8 सितंबर, 1933
  • जन्मस्थान सांगली, महाराष्ट्र, भारत
  • पिता दीनानाथ मंगेशकर
  • माता शेवंती मंगेशकर
  • पति गणपतराव भोसले
  • व्यवसाय भारतीय प्ले बैक सिंगर, गायिका
  • पुरस्कार पद्म विभूषण, फिल्मफेयर लाइफटाइम अवार्ड
  • नागरिकता भारतीय

भारतीय मशहूर गायिका आशा भोंसले (Asha Bhosle Biography in Hindi)

Asha Bhosle Biography in Hindi | आशा भोंसले हिन्दी फ़िल्मों की मशहूर पार्श्वगायिका हैं। लता मंगेशकर की छोटी बहन और दिनानाथ मंगेशकर की पुत्री आशा ने फिल्मी और गैर फिल्मी लगभग 16 हजार गाने गाये हैं और इनकी आवाज़ के प्रशंसक पूरी दुनिया में फैले हुए हैं। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, गुजराती, पंजाबी, भोजपुरी, तमिल, मलयालम, अंग्रेजी और रूसी भाषा के भी अनेक गीत गाए हैं। आशा भोंसले ने अपना पहला गीत वर्ष 1948 में सावन आया फिल्म चुनरिया में गाया।

आशा भोसले का प्रारंभिक जीवन (Asha Bhosle Early Life)

आशा भोसले जी का जन्म 8 सितम्बर 1933 में महाराष्ट्र के एक सांगली शहर के गोहर के एक छोटे से घर में हुआ था। इन्होने एक संगीतमय परिवार में जन्म लिया था, उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक एक्टर और क्लासिकल गायक थे और उनकी माता का नाम शेवंती मंगेशकर था। आशा जी जब केवल 9 वर्ष की थीं, तब उनके पिता की मृत्यु हो गई। फिर उनका परिवार पुणे से कोल्हापुर और उसके बाद मुंबई आ गया। परिवार की सहायता के लिए आशा और लता मंगेसकर ने गाना और फिल्मों मे अभिनय शुरू कर दिया।

आशा जी का निजी जीवन (Asha Bhosle Married Life)

आशा जी ने मात्र 16 साल की उम्र में 31 वर्ष के लता मंगेशकर के निजी सचिव गणपत राव भोसले के साथ विवाह कर लिया था। हालांकि आशा जी और गणपत राव दोनों एक दूसरे से अलग हो गए। इनके तीन बच्चे है। इनका सबसे बड़ा लड़का हेमंत ने पायलट के रूप में अधिकांश समय बिताया। आशाजी की बेटी वर्षा ने "द सनडे ऑबजरवर" और "रेडिफ" के लिए कॉलम लिखने का काम किया। आशाजी का सबसे छोटा पुत्र आनन्द भोसले है। इसके बाद आशा जी की मुलाकात आर.डी. बर्मन जी से हुई। और फिर उनके बीच में नजदीकियां बड़ी और उन्होंने 1980 में शादी कर ली। यह शादी खुशहाल थी और 1994 में आर.डी. बर्मन की मृत्यु हो गई।

आशा भोसले का संगीत करियर (Asha Bhosle Singing Career)

1943 में उन्होने अपनी पहली मराठी फिल्म "माझा बाळ" में "चला चला नाव बाळा" गीत गाया जिसे दत्ता दवाजेकर के द्वारा संगीतबद्ध किया गया था। उन्होंने 1948 में अपनी पहली हिन्दी फिल्म "चुनरिया" का गीत "सावन आया" हंसराज बहल के लिए गाया। उन्होंने 1949 में अपना पहला हिंदी सोलो गाना "रात की रानी" फिल्म में गाया। इसके बाद आशा जी ने अपनी सुरीली आवाज का जादू चलाया और 1953 में फिल्म "परिणीता", 1954 में फिल्म "बूट पॉलिश", सी.आई.डी 1956 में और 1958 फिल्म "नया दौर" आदि के लिए गाया गाए।

आशा जी ने अपने कुछ गीतो जैसे "मांग के साथ तुम्हारा" और "उड़ जब जब जुल्फें तेरी" के माध्यम से संगीत इंडस्ट्री में अच्छी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। इसके बाद तो आशा जी ने एक के बाद एक सुपरहिट गाने जैसे "दीवाना हुआ बादल", "आओ हुजूर तुमको", "ये दिल मेहरबान" गाकर लोगों को अचंभित कर दिया।

1960 के मध्य में आशा ने आर.डी. बर्मन के साथ सहयोग किया और अपने करियर के चरम पर पहुच गई। फिल्म "तीसरी मंजिल" का "ओ हसीना जुल्फों वाली" गाना, 1971 में फिल्म "कारवां" का "पिया तू अब तो आजा" गाना, 1972 की फिल्म "जवानी दीवानी" और 1978 में फिल्म "डॉन" का "ये मेरा दिल" गाना का लोकप्रिय गाना "जा जाने जा" शामिल हैं। 1974 में आशा जी ने फिल्म "प्राण जाये पर वचन न जाये" के लिए "चैन से" गाना गाकर रिकॉर्ड बनाया था। इन गीतों की शानदार सफलता के बाद उन्हें एस.डी. बर्मन जैसे अन्य संगीत निर्देशकों द्वारा नोटिस किया गया।

1990 के दशक में आशा जी ने पेप्पी नंबर्स गाने के साथ प्रयोग किया। उन्होंने ए.आर. रहमान, अनु मालिक और संदीप चौटा जैसे उनसे छोटे म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ "तन्हा तन्हा", "यारे", "कमबक्त इश्क" और "चोरी पे चोरी" जैसे हिट गाने गाए। आशा जी ने अपने देश भक्ति से लेकर गजले और रोमांटिक तक सभी तरह के गानों से आलोचकों को गलत साबित कर दिया। उन्होंने यह साबित किया कि वे अन्य शैलियों में भी गाना गा सकती है।

आशा ने "ये दिल चीज क्या है", "ये क्या कहना है", "इन आंखें की मस्ती के', और "जस्टाजू जिस्की थी" जैसी गजल में भी अपना हाथ आजमाया। गजल, दिल चीज क्या है, ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जीत दिलाई फिल्म अवार्ड। 2013 में उन्होंने फिल्म "माई" में एक अभिनेता के रूप में शुरुआत की। फिल्म में उनके अभिनय की प्रशंसा की गई थी।

पुरस्कार और सम्मान (Asha Bhosle Awards)

  1. 1962 में मराठी फिल्म "मानिनी" के लिए महाराष्ट्र सरकार का "सर्वश्रेष्ठ गायक" का पुरस्कार मिला।
  2. 1996 में फिल्म "रंगीला" के लिए एक स्पेशल अवार्ड मिला।
  3. "द फ्रिडी मरकरी अवार्ड" कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए खास पुरस्कार से सममान मिला।
  4. 2000 में दुबई में "सिंगर ऑफ़ द मिलेनियम" आवर्ड से सम्मान मिला।
  5. 2000 मे "दादा साहेब फाल्के अवार्ड" से सम्मान मिला।
  6. 2001 में फिल्मफेयर की ओर से "लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड" मिला।
  7. 2001 में फिल्म लगान के लोकप्रिय गाने "राधा कैसे न जले" के लिए "बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर" के लिए आइफा अवार्ड मिला।
  8. 2001 में केंद्र सरकार से "दादासाहेब फाल्के अवार्ड" मिला।
  9. 2002 मे आशा जी को "बर्मिंघम फिल्म फेस्टिवल" विशेष रूप से समर्पित किया गया।
  10. 2008 में केंद्र सरकार से राष्ट्रीय पुरस्कार "पद्म विभूषण" मिला।
  11. आशा जी ने कुछ और अवार्ड जैसे मध्यप्रदेश और महारष्ट्र सरकार द्वारा "लता मंगेशकर पुरस्कार" और अन्य अवार्ड भी अपने नाम किये।
  12. 2011 में आशाजी को सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने के लिए गिनेस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने चुना।
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