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Kanhaiya Kumar Biography In Hindi | कन्हैया कुमार का जीवन परिचय

Kanhaiya Kumar Biography In Hindi | कन्हैया कुमार अखिल भारतीय छात्र परिषद (AISF), जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की स्टूडैंट विंग है, के नेता हैं। वह 2015 में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे।

Kanhaiya Kumar Biography In Hindi | कन्हैया कुमार का जीवन परिचय
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Kanhaiya Kumar Biography In Hindi कन्हैया कुमार का जीवन परिचय

Kanhaiya Kumar Biography In Hindi | कन्हैया कुमार का जीवन परिचय

असली नाम: कन्हैया कुमार

व्यवसाय: छात्र, पॉलिटिशियन और एक्टिविस्ट

जन्मदिन: जनवरी 1987

जन्मस्थान: बरौनी, बगुसराय, बिहार, भारत

उम्र: जनवरी 1987 से अभी तक

राष्ट्रीयता: भारतीय

घर: बरौनी, बगुसराय, बिहार, भारत

पता: बरौनी, बगुसराय, बिहार, भारत

कन्हैया कुमार की जाति क्या है | Kanhaiya Kumar Caste

भूमिहार

कन्हैया कुमार की शिक्षा (Education)

स्कूल: मध्य विद्यालय, मसनदपुर, R. K. C. हाई स्कूल, बरौनी, राम रतन सिंह कॉलेज, मोकामा

कॉलेज: कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स पटना बिहार, नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी

शैक्षिक योग्यता: B.A, M.A., पीएचडी अफ्रीकन स्टडीज

कन्हैया कुमार का परिवार (family)

पिता (Father) : जयशंकर सिंह

माता: मीना देवी

बहन: कोई नहीं

भाई (Brother) : प्रिंस कुमार, मणिकांत सिंह

वैवाहिक स्थिति: कुंवारा

Kanhaiya Kumar Biography In Hindi | कन्हैया कुमार का जीवन परिचय

कन्हैया कुमार अखिल भारतीय छात्र परिषद (AISF), जो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की स्टूडैंट विंग है, के नेता हैं। वह 2015 में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे। फरवरी 2016 में जेएनयू में एक कश्मीरी अलगाववादी, 2001 में भारतीय संसद पर हमले के दोषी, मोहम्मद अफजल गुरु को फांसी के खिलाफ एक छात्र रैली में राष्‍ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। उन्हे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्हे 2 मार्च 2016 में अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया था, क्योंकि राष्ट्र विरोधी नारों में भाग लेने का पुलिस द्वारा कुमार का कोई सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके इलावा जेएनयू के कुलपति द्वारा गठित एक अनुशासन समिति भी विवादास्पद घटना की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर, कन्हैया कुमार और सात अन्य छात्रों को अकादमिक तौर पर वंचित कर दिया गया। विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कन्हैया कुमार का विरोध किया था। उनके ऊपर देशद्रोह का मुकादमा चल रहा है। कन्हैया कुमार की हालही में एक किताब छपी है जिसका नाम बिहार टू तिहार (Bihar to tihar) है।

कन्हैया कुमार का जन्म जनवरी 1987 में हुआ था और बिहार के बेगूसराय जिले में बिहार के पास (बरौनी के पास) बिहार में पैदा हुआ था। कन्हैया का जन्म बिहार में ऊपरी जाति समुदाय में हुआ था। यह गांव तेगड़ा विधायी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जिसे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) का गढ़ कहा जाता है। कुमार के पिता, जयशंकर सिंह, एक एकड़ खेत के मालिक हैं और वर्तमान में लटके हुए हैं। उनकी मां मीना देवी आंगनवाडी कार्यकर्ता हैं। उनका एक बड़ा भाई, मानिकांत है, जो असम के एक कंपनी के साथ सुपरवाइजर के तौर पर काम करता है। उनके परिवार के सदस्य पारंपरिक रूप से सीपीआई के समर्थक रहे हैं।

कन्हैया कुमार बिहार के एक औद्योगिक शहर बरौनी में आर के के सी हाई स्कूल में शामिल होने से पहले बिहार के मध्य विद्यालय, मसनदपुर में कक्षा छठी तक कक्षा छठी तक पढ़ाई करते थे। अपने स्कूल के दिनों के दौरान, कुमार ने आईपीटीए (इंडियन पीपल्स थियेटर एसोसिएशन) द्वारा आयोजित कई नाटकों और गतिविधियों में भाग लिया, भारत की स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में वापस जाने वाले एक बाएं झुकाव वाला सांस्कृतिक समूह। उन्होंने 2002 में पहली कक्षा के साथ अपनी कक्षा एक्स बोर्ड परीक्षा को मंजूरी दी। स्कूल के बाद, कन्हैया, मोकामा में राम रतन सिंह कॉलेज में शामिल हुए, बिहट के करीब 25 किलोमीटर दूर पश्चिम में, कक्षा इलेवन -12 में विज्ञान लेते हुए। कन्हैया ने 2007 में कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पटना से भूगोल की डिग्री प्राप्त की, "प्रथम श्रेणी" कमाई। कॉलेज ऑफ कॉमर्स में उन्होंने छात्र राजनीति में उनकी भागीदारी शुरू की। वह एआईएसएफ में शामिल हो गए और एक साल बाद पटना में अपने सम्मेलन में एक प्रतिनिधि के रूप में चुना गया।

करियर –

पटना में अध्ययन के दौरान, कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य बने। पटना में पोस्ट ग्रेजूएशन खत्म करने के बाद, कन्हैया ने जेएनयू (दिल्ली) में अफ्रीकन स्टडीज के लिए पीएचडी के लिए एडमिशन ले लिया। 2015 में, कन्हैया कुमार ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के ऐसे पहले सदस्य बने जो जेएनयू में छात्र संघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए। उन्होंने इस पद के लिए एआईएसए, एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के सदस्यों को हराया।

कन्हैया कुमार के दोस्त और अन्य लोग उन्हें बेहतरीन वक्ता कहते हैं। उनके चुनाव के एक दिन पहले दी गई उनकी स्पीच उनके चुनाव जीतने का कारण मानी जाती है। कन्हैया कुमार के बारे में कहा जाता हैं की वे जल्द ही राजनितिक पार्टी ज्वाइन करेंगे। हालाँकि उन्होंने अभी तक किसी तरह राजनितिक में आने का इशारा नहीं किया हैं।

कौन हैं कन्हैया?

  1. कन्हैया कुमार का जन्म बिहार के बगुसराय जिले के एक गांव में हुआ। यह गांव तेघरा विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां सीपीआई को काफी समर्थन दिया जाता है।
  2. कन्हैया कुमार के पिता, जयशंकर सिंह, को पैरालिसिस है और वे काफी सालों से बिस्तर पर ही रहते हैं।
  3. कन्हैया कुमार की माता, मीना देवी, एक आंगनवाडी कार्यकर्ता हैं। वहीं उनके बड़े भाई प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं। कन्हैया की पढ़ाई बरौनी के आरकेसी हाई स्कूल में हुई। यह इलाका इंडस्ट्री से भरा हुआ है।
  4. अपने स्कूल दिनों में, कन्हैया अभिनय में रूचि रखते थे और इंडियन पीपल्स थियेटर एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य थे।
  5. 2002 में कन्हैया ने पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दाखिला लिया, जहां से उनके छात्र राजनीति की शुरुआत हुई। कन्हैया भूगोल में ग्रेजुएट हैं और फिलहाल पीएचडी कर रहे हैं।
  6. पटना में अध्ययन के दौरान, कन्हैया ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के सदस्य बने।
  7. पटना में पोस्ट ग्रेजूएशन खत्म करने के बाद, कन्हैया ने जेएनयू (दिल्ली) में अफ्रीकन स्टडीज के लिए पीएचडी के लिए एडमिशन ले लिया।
  8. 2015 में, कन्हैया कुमार ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के ऐसे पहले सदस्य बने जो जेएनयू में छात्र संघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए। उन्होंने इस पद के लिए एआईएसए, एबीवीपी, एसएफआई और एनएसयूआई के सदस्यों को हराया।
  9. कन्हैया कुमार के दोस्त और अन्य लोग उन्हें बेहतरीन वक्ता कहते हैं। उनके चुनाव के एक दिन पहले दी गई उनकी स्पीच उनके चुनाव जीतने का कारण मानी जाती है।

कन्हैया कुमार का इतिहास | Kanhaiya Kumar History in Hindi !!

    1. कन्हैया कुमार का जन्म जनवरी 1987 में बरौनी के पास एक गांव, जिला बगुसराय, बिहार में हुआ.
    2. इनका जन्म एक उच्च जाति में हुआ. इनका जन्म जिस गांव में हुआ वो तेघरा विधानसभा के अंदर आता है. जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) को और ज्यादा मजबूत बनाता है.
    3. इनके पिता एक जमींदार थे और माता आंगनवाड़ी में काम करती हैं. कुछ समय पहले इनके पिता को फालिज अटैक आ गया था जिसके कारण अब वो उठने बैठने असमर्थ हैं.
    4. इनके बड़े भाई मणिकांत सिंह असम की एक कम्पनी में सुपरवाइजर हैं और इनके दूसरे भाई प्रिन्स कम्पेटेटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं.
    5. इनका परिवार शुरुआत से ही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) के समर्थक थे.
    6. इन्होने अपनी कक्षा छह तक की पढ़ाई मध्य विद्यालय, मसनदपुर, बिहार से की उसके बाद R. K. C. हाई स्कूल, बरौनी में शिक्षा ली. उसी दौरान इनके स्कूल में कई प्रकार की प्रतियोगिताएं होती थी जिसमे इन्होने जम के भाग लिया.
    7. कुछ थिएटर में भी भाग लिया जो IPTA (इंडियन पीपल'स थिएटर एसोसिएशन) के द्वारा ऑर्गनाइज की जाती थी.
    8. इन्होने अपनी दसवीं की शिक्षा अच्छे अंको से पूर्ण की. अपने दसवीं की शिक्षा पूर्ण होने के बाद इन्होने ११-१२ की शिक्षा राम रतन सिंह कॉलेज से पूर्ण की.
    9. उसके बाद इन्होने अपनी स्नातक कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स, पटना से पूर्ण की. बाद में ये अपने पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी की ओर मुड़ गए वहां इन्होने फर्स्ट क्लास नंबरों से अपना पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बाद में JNU से पीएचडी करना शुरू कर दिया.

कन्हैया कुमार के रोचक तथ्य (Facts)

  1. इस समय ये JNUSU (जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन) के प्रेसिडेंट हैं.
  2. फरवरी २०१६ में इन्हे दिल्ली पुलिस ने इनके भारत के खिलाफ गलत प्रदर्शन के लिए गिरफ्तार कर लिया था.
  3. मार्च २०१६ में कोई सबूत न होने के कारन इन्हे बेल मिल गयी थी.
  4. इनके एक बचपन के दोस्त ने बताया की इन्हे राजनीती में बहुत रूचि है और इनके अंदर लोगों को आकर्षित करने और उनके अंदर अपनी छाप छोड़ने की ताकत है.
  5. इन्हे पटिआला हाउस कोर्ट में कई वकीलों द्वारा काफी मारा गया जब ये पुलिस कस्टडी में थे जिसे बाद में कुछ वकीलों ने स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कबूल भी किया.
  6. जब इन्हे पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था तब जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट उनको प्रोटेस्ट किया और कहा की उनपे गलत आरोप हैं.
  7. इनके माता पिता ने इनकी गिरफ्तारी के दौरान कहा की कन्हैया कभी भी अपने देश को गलत नहीं कह सकता यहां तक सपने में भी नहीं.
  8. इनकी माता आंगनवाड़ी कर्मचारी है जिन्हे हर महीने ३००० रुपय मिलते हैं. और इनके पिता को फालिज अटैक है वो कई सालों से बिस्तर पे ही हैं.
  9. इन्हें थिएटर करना भी बहुत पसंद है. इन्होने अपने स्कूल समय में कई थिएटर किये हैं.
  10. जब ये तिहार जेल से बापस आये तो इन्होने एक स्पीच दी JNU campus के अंदर स्टूडेंट के लिए.
  11. इन्होने बिहार से तिहाड़' (2016) नामक पुस्तक भी लिखी.


कन्हैया कुमार का संपर्क विवरण

विकिपीडिया : @wiki/Kanhaiya_Kumar

ट्विटर : @kanhaiyakumar

फेसबुक : @KanhaiyaKaPage

इंस्टाग्राम : @kanhaiyakumarjnu

Website: kanhaiyakumar.tumblr.com

मैसेंजर : m.me/KanhaiyaKaPage

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