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कवि अशोक कुमार पांडेय जीवन परिचय | Ashok Kumar Pandey (Writer) Biography In Hindi

अशोक कुमार पांडेय हिंदी साहित्य के बड़े साहित्यकार माने जाते है. वे हिंदी कवि, कथा लेखक तथा महान इतिहासकार भी है. इतिहास में प्रमुखतः इन्हें कश्मीर का महान इतिहासकार कहा जाता है. कश्मीर के लिये इन्होंने :कश्मीरनामा' और 'कश्मीर पंडित' जैसी पुस्तकों की रचना की. जो कि बहुत लोकप्रिय हुई.

कवि अशोक कुमार पांडेय जीवन परिचय | Ashok Kumar Pandey (Writer) Biography In Hindi
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कवि अशोक कुमार पांडेय जीवन परिचय

Ashok Kumar Pandey (Writer) Biography, Writer, Poem, Books, Wiki In Hindi

अशोक कुमार पांडेय हिंदी साहित्य के बड़े साहित्यकार माने जाते है. वे हिंदी कवि, कथा लेखक तथा महान इतिहासकार भी है. इतिहास में प्रमुखतः इन्हें कश्मीर का महान इतिहासकार कहा जाता है. कश्मीर के लिये इन्होंने :कश्मीरनामा' और 'कश्मीर पंडित' जैसी पुस्तकों की रचना की. जो कि बहुत लोकप्रिय हुई. सामाजिक, सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय अशोक कुमार पांडेय कविताओं के साथ-साथ आर्थिक विषयों पर आलेख लिखते हैं,अनुवाद करते हैं,समीक्षायें करते हैं और साथ ही रोचक कहानियां भी लिखते हैं. हिन्दी की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में उनके लेख भी नियमित रूप से प्रकाशित होते है.

कवि अशोक कुमार पांडेय जीवन परिचय | Ashok Kumar Pandey Biography In Hindi

अशोक कुमार पांडेय का जन्म 24 जनवरी 1975 को गांव सुग्गीचौरी, मऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ. उनका जन्म साधारण परिवार में हुआ. उन्होंने अपनी प्राथमिक पढ़ाई देवरिया, उत्तर प्रदेश से पूरी की. इसके बाद आगे की शिक्षा के लिए वे गोरखपुर चले गए और वहाँ गोरखपुर विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की. शिक्षा के साथ – साथ उनकी हिंदी साहित्य में रुचि बढ़ती गई जिसके कारण उन्होंने कविताओं की रचना प्रारंभ कर दी. थोड़े समय बाद वे कविताओं के साथ अनेक ऐतिहासिक विषयो पर पुस्तकें भी लिखने लगे. वर्तमान में वे मध्यप्रदेश के ग्वालियर में निवास करते है.

कवि अशोक कुमार पांडेय जीवन परिचय | Ashok Kumar Pandey Biography In Hindi

नाम (Name) अशोक कुमार पांडेय

जन्म (Date of Birth) 24/01/1975

आयु 45 वर्ष

जन्म स्थान (Birth Place) गांव सुग्गीचौरी, मऊ, उत्तर प्रदेश

पेशा (Occupation ) लेखक, कवि, इतिहासकार

अवार्ड (Award) पंकज सिंह मेमोरियल अवार्ड, सव्यसाची मेमोरियल अवार्ड

सहित्य में योगदान:-

अशोक कुमार पांडेय ने हिंदी साहित्य में अपना अमूल्य योगदान दिया है. उन्होंने अनेक पुस्तकें लिखी है. उन्होंने इतिहास , आर्थिक एवं सामाजिक विषयों पर अपनी पुस्तकें लिखी है. इतिहास में विशेष रूप से इन्होने कश्मीर के इतिहास पर अपनी पुस्तको की रचना की है. जिसमे प्रमुख रूप से कश्मीरनामा और कश्मीरी पंडित पुस्तकें अत्यंत लोकप्रिय हुई एवं इसके कारण कवि अशोक कुमार पांडेय को विशेष पहचान मिली. हिंदी साहित्यकार अशोक जी के द्वारा लिखी गई प्रमुख पुस्तकें निम्नांकित है-

वैचारिकी पुस्तकें | Ashok Kumar Pandey Books

इतिहास–

  • कश्मीरनामा: इतिहस और समकल
  • कश्मीर और कश्मीरी पंडित
  • उसने गाँधी को क्यूँ मारा?

विविध–

  • शोषन के अभ्यारण्य: भूमंडलीकरण के दुष्प्रभाव और विकल्प का सवाल
  • मार्क्सवाद के मूलबंध सिद्धान्त
  • कार्ल मार्क्स: जीवन और विचार
  • आईना दर आईना (साहित्यिक आलोचना)

अनुवाद–

  • अशोक कुमार पांडेय ने हिंदी साहित्य में कई अनुवाद भी किए है जैसे-
  • प्रेम : विश्व साहित्य से अमर सूक्तियाँ
  • आज़ादी की लड़ाई और भारतीय मुसलमान
  • गोलवलकरवाद: एक अध्ययन
  • कविताओं और वैचारिक गद्य का अनुवाद
  • चे ग्वेरा की एक किताब का अनुवाद
  • सरूप ध्रुव की कविताओं का गुजराती से अनुवाद

संपादन

गिरिराज किराडू के साथ कविता कितबिया सीरिज के तहत 'डर की कविताएँ', 'मृत्यु की कविताएँ', 'बेरोज़गारी की कविताएँ' तथा 'कोका कोला और कोको फ्रियो (मार्टिन एस्पादा की कविताएँ' का संपादन, कुमार अनुपम के साथ 'प्रेरक व्यक्तित्व सीरीज' और 'भाषांतर सीरीज' का संपादन आदि इसप्रकार अशोक कुमार पांडेय द्वारा वर्तमान में भी कई साहित्यों का सम्पादन किया जा रहा है.

कविताएं | Ashok Kumar Pandey Poems

  • लगभग अनामंत्रित
  • प्रलय में लय जितना
  • माँ की डिग्रियाँ
  • किसी सलीब पर देखा है मुझको
  • धुल गंध और पतंगे
  • कश्मीर: जुलाई के कुछ दृश्य
  • इन दिनों देश
  • एक शाम
  • सपने में
  • न्याय
  • भोर
  • होना ना होने की तरह

अशोक कुमार पांडेय द्वारा रचित प्रसिद्ध कविता 'माँ की डिग्रियां' की कुछ पंक्तियां–

घर के सबसे उपेक्षित कोने में

बरसों पुराना जंग खाया बक्सा है एक

जिसमें तमाम इतिहास बन चुकी चीजों के साथ

मथढक्की की साड़ी के नीचे

पैंतीस सालों से दबा पड़ा है

माँ की डिग्रियों का एक पुलिंदा

बचपन में अक्सर देखा है माँ को

दोपहर के दुर्लभ एकांत में

बतियाते बक्से से

किसी पुरानी सखी की तरह

मरे हुए चूहे सी एक ओर कर देतीं

वह चटख पीली लेकिन उदास साड़ी

और फिर हमारे ज्वरग्रस्त माथों सा

देर तक सहलाती रहतीं वह पुलिंदा

माँ की डिग्रियों का एक पुलिंदा….

वर्तमान में कविता के अलावा कहानी, आलोचना और सामाजिक और आर्थिक विषयों पर नियमित लेखन, कविता की ई-मैगजीन 'असुविधा' का संचालन साहित्यकार अशोक कुमार पांडेय द्वारा किया जा रहा है.

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