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Janskati Samachar

भाजपा के खिलाफ किसी भी दल से हाथ मिला सकती है बसपा: मायावती

भाजपा के खिलाफ किसी भी दल से हाथ मिला सकती है बसपा: मायावती
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लखनऊ | आज देश डॉ भीमराव आंबेडकर की 126वी जयंती मना रहा है. इस मौके पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ के आंबेडकर पार्क में पार्टीय के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर दलितों और अति पीछ्ड़ो पर अत्याचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा की दूसरे दल वोट लेने के लिए आंबेडकर जयंती मनाते है और इसके बाद पुरे साल दलितों पर अत्याचार करते है.

सभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा की वो बीजेपी और ईवीएम् से छेड़छाड़ के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी. इसी क्रम में मंगलवार को पुरे देश में काला दिवस मनाया गया. यह आगे भी जारी रहेगा. बीजेपी के खिलाफ विपक्षी दलों के एक होने पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा की अगर जरुरत पड़ी तो बसपा , बीजेपी को हराने के लिए बीजेपी विरोधी दलों से हाथ मिलाने से भी पीछे नही हटेगी.

इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा की कुछ पार्टिया वोट पाने के लिए साल में एक दिन डॉ आंबेडकर का जन्मदिवस मनाती है. इसके बाद पुरे साल दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगो पर अत्याचार करते है.

मुस्लिम तुष्टिकरण पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा की हमारी सरकार में कई मुस्लिम विधायक थे लेकिन हमने यूपी को पाकिस्तान नही बनने दिया था. आगे बसपा की सरकार बनेगी तो भी यूपी को पाकिस्तान नही बनने दूंगी.लिखा हुआ भाषण पढने के आरोपो पर मायावती ने कहा की मौखिक भाषण देने में काफी जोर से बोलना पड़ता है लेकिन इसके लिए डॉक्टर ने मना किया हुआ है.

मायावती ने आंबेडकर पार्क में पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओ का अभिनंदन करते हुए कहा की आप यहाँ बाबा साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित करने आये इसके लिए आपका बहुत बहुत आभार.बताते चले की उत्तर प्रदेश में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद पूरा विपक्ष इस बात की पैरवी कर रहा है की आगामी चुनावो में बीजेपी के रथ को रोकने के लिए सभी बीजेपी विरोधी दलों को साथ आना होगा.

बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार से लेकर ममता बनर्जी तक इसके लिए काफी जोर आजमाइश भी कर रहे है. इसके लिए ममता ने अखिलेश, नवीन पटनायक, अरविन्द केजरीवाल से मुलाक़ात भी की है. वही नितीश कुमार ने सभी दलों से एक मंच पर आने का आग्रह किया है. ऐसे में मायावती का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीती में एक बड़ा बदलाव लाने के संकेत दे रहा है.

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