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रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के बाद विपक्ष का पीएम मोदी से सवाल: कहाँ है काला धन ?

रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के बाद विपक्ष का पीएम मोदी से सवाल: कहाँ है काला धन ?
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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में नोट बंदी के दौरान 99.30 फीसदी पुराने नोट वापस आने के खुलासे के बाद विपक्ष अब सरकार पर हमलावर हो गया है। रिजर्व बैंक की रिपोर्ट आने के बाद जहाँ कांग्रेस ने नोट बंदी को 'मोदी मेड डिजास्टर' बताया है वहीँ तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नोट बंदी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि काला धन कहाँ गया ? ममता बनर्जी ने आज इस बात पर आश्चर्य जताया कि क्या नोटबंदी इसलिए लागू की गई थी कि काला धन जमा कर रखने वाले कुछ लोग इन्हें चुपचाप बदलवाकर सफेद कर लें। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ''आरबीआई ने 2017-18 के लिये अपनी वार्षिक रिपोर्ट में हमारी आशंकाओं की पुष्टि कर दी। 99.3 फीसदी रूपया बैंकिंग व्यवस्था में वापस आ गया।



मेरा पहला सवाल यह है कि काला धन कहां गया? मेरा दूसरा सवाल है कि क्या यह योजना इसलिए लाई गई कि कुछ लोग अपने काले धन को सफेद में बदल सकें।'' वहीँ रिज़र्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री झूठ के लिए माफी मांगेंगे। उन्होंने कहा, 'आरबीआई की रिपोर्ट ने एक बार फिर नोटबंदी को 'मोदी मेड डिजास्टर' साबित किया। नोटबंदी के दौरान चलन से बाहर किए गए 99.30% नोट वापस आ गए।' सुरजेवाला ने कहा कि 'पीएम मोदी ने 2017 में अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिए गए भाषण में बड़े दावे किए थे कि तीन लाख करोड़ रुपए सिस्टम में वापस आ रहे हैं।



मोदी जी क्या आप इस झूठ के लिए अब माफी मांगेंगे?' वहीँ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों की याद दिलाते हुए कहा, 'याद करें किसने कहा था की 3 लाख करोड़ रुपये वापस नहीं आएंगे और इससे सरकार को फायदा होगा?' चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा कि नोटबंदी की बड़ी कीमत देश के लोगों ने चुकाई है। उन्होंने कहा, '100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। 15 करोड़ मजदूरों को कई हफ्ते तक रोजगार नहीं मिला। हजारों छोटे उद्योग-धंधे बंद हो गए। लाखों नौकरियां खत्म हो गई।' बता दें कि रिज़र्व बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार नोट बंदी के दौरान पुराने एक हज़ार और पांच सौ रपये के 99.30 फीसदी नोट वापस आ गए। वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि 8 नवंबर, 2016 को 15,417.93 अरब रुपये की वैल्यू के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट सर्कुलेशन में थे। इसके बाद इनमें से जितने नोट वापस आए हैं, उनकी कुल वैल्यू 15,310.73 अरब रुपये है।

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