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जम्मू कश्मीर: भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगाए पाकिस्तान के समर्थन में नारे! देशद्रोह का मुकदमा दर्ज

जम्मू कश्मीर: भाजपा कार्यकर्ताओं ने लगाए पाकिस्तान के समर्थन में नारे! देशद्रोह का मुकदमा दर्ज
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जम्मू कश्मीर से भाजपा कार्यकर्ताओं और पूर्व सैनिक द्वारा पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने का आरोप सामने आया है. इसके बाद इन लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. इसके अलावा एक आर्मी कैंंटीन चलाने वाले शख्स पर भी पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने का आरोप है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा से 7-8 किलोमीटर दूर नौशेरा कस्‍बे में एक पूर्व सैनिक, दूसरा आर्मी कैंटीन चलाने वाला, बाकी दो बीजेपी कार्यकर्ता, इन चारों पर 8 मार्च को पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है. फिलहाल अवतार सिंह (60), गुरमीत सिंह (48), अरुण गुप्ता (37) और आशी गुप्‍ता (24) ये चारों छिपे हुए हैं. दरअसल, करीब एक महीने पहले लगभग 90 फीसदी हिंदू आबादी वाली नौशेरा में प्रदर्शन किया गया था. इस प्रदर्शन की वजह 60 साल पुरानी मांग है कि नौशेरा को जिला बनाना जाए. फिलहाल अभी नौशेरा, राजौरी जिले का सब-डिविजन है.


8 मार्च को जब खबर आई कि बीजेपी के मंत्री, मुख्‍यमंत्री मह‍बूबा मुफ्ती के प्रस्‍ताव, नौशेरा और सुंदरबनी सब-डिविजनों के लिए एक कॉमन एडिशनल डिप्‍टी कमिश्‍नर बना दिया जाए जो दोनों के लिए एक महीने के रोटेशन पर काम करेगा, के लिए सहमत हैं तो गुस्‍सा भड़क उठा. बीजेपी कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि 2014 में नौशेरा और कलाकोटे विधानसभा सीट से बीजेपी जीती और पहली बार लोगों को लगा कि उनकी मांग आखिरकार सुनी जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसे नौशेरा के खिलाफ भेदभाव की तरह देखा गया. इस मामले ने एक ऐसे प्रदर्शन को जन्‍म दिया है जिसने पूरे इलाके को बंद करवा दिया है. पिछले करीब एक महीने से बैंक व सरकार कार्यालय तक बंद हैं. एक ज्‍वाइंट एक्‍शन कमिटी के अनुसार इस विरोध से नौशेरा को लगभग 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. 8 मार्च को फैसला सार्वजनिक किया गया और लोग सड़कों पर निकल पड़े. इसके बाद भाजपा और राज्‍य सरकार के खिलाफ नारे लगने लगे. गुस्‍से में उनमें से कुछ लोगों ने पाकिस्‍तान के समर्थन में नारे लगाए. नौशेरा के एडिशनल सुप्र‍िटेंडेंट ऑफ पुलिस, मास्‍टर पॉप्‍सी ने कहा कि नारे शांत‍ि को नुकसान पहुंचा सकते थे और इसलिए जिनकी पहचान हो सकी, उन चारों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया.

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