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कर्नाटक: भाजपा से नाराज दलित नेताओं ने रोका अमित शाह का भाषण, जमकर हंगामा-नारेबाजी

कर्नाटक: भाजपा से नाराज दलित नेताओं ने रोका अमित शाह का भाषण, जमकर हंगामा-नारेबाजी
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कर्नाटक में बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. पहले तो भाषण के दौरान उनकी जुबान फिसल गई और वे येदियुरप्‍पा को सबसे भ्रष्‍ट मुख्‍यमंत्री बता बैठे. इसके बाद उनकी रैली में ट्रांसलेटर बीजेपी सांसद ने गड़बड़ी कर दी. अब शुक्रवार को शाह के कार्यक्रम के दौरान दलित नेताओं ने भाजपा सांसद के बयान के विरोध में नारेबाजी की. उन्‍होंने शाह को बोलने नहीं दिया. दलित नेताओं ने केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े के दलित विरोधी बयान के खिलाफ शाह से शिकायत की. उन्‍होंने बीजेपी अध्‍यक्ष से पूछा कि वे सांसद के खिलाफ क्‍या कार्रवाई करेंगे. इस पर शाह ने खुद को और पार्टी को इस बयान से अलग कर लिया. उन्‍होंने कहा कि हेगड़े की टिप्‍पणी से बीजेपी इत्‍तेफाक नहीं रखती है. इसी बीच, कर्नाटक बीजेपी ने कार्यक्रम के दौरान हंगामे के लिए मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया को जिम्‍मेदार ठहराया.


कर्नाटक बीजेपी ने ट्वीट में कहा कि देश में बीजेपी के दलितों के लिए पसंदीदा पार्टी बनने को पचा नहीं पाने के कारण सीएम सिद्धू ने हल्‍की करतूत की है. उन्‍होंने अमित शाह के कार्यक्रम में अपने गुंडे भेजे. इधर, लिंगायत समुदाय तक पहुंचने की भाजपा की कोशिशें जारी रखते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को सुत्तूर मठ में समुदाय के एक प्रमुख संत से मिले और कर्नाटक यात्रा का चौथा चरण शुरू किया. शाह ने संत से मिलने के बाद ट्विटर पर लिखा, 'श्री सुत्तूर मठ के श्री शिवरात्रि देशीकेंद्र महास्वामीजी से मैसूरू में आर्शीवाद लिया.


संत ने दुनिया भर में भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के मूल्यों का प्रसार करने के लिए महत्वपूर्ण कोशिशें की हैं.' उन्होंने यह भी कहा कि वह ग्रामीण कर्नाटक में गरीबों को शिक्षा मुहैया कराने में मठ की भूमिका की भी सराहना करते हैं. शाह पहले ही राज्य के तटीय, मलनाड, उत्तरी एवं मध्य क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं. लिंगायत संतों के साथ भाजपा अध्यक्ष की मुलाकात को लिंगायतों/ वीरशैवों तक पहुंचने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है जो संख्या एवं राजनीति की दृष्टि से राज्य में ताकतवर हैं और भाजपा के लिए एक बड़ा मतदाता आधार हैं.

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