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Janskati Samachar

गौरक्षको की गुंडागर्दी के खिलाफ मानसून सत्र में ज़ोर-शोर से आवाज़ उठा सकता है विपक्ष: पढ़ें पूरी खबर

गौरक्षको की गुंडागर्दी के खिलाफ मानसून सत्र में ज़ोर-शोर से आवाज़ उठा सकता है विपक्ष: पढ़ें पूरी खबर
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नई दिल्ली। देशभर में गौरक्षा के नाम पर निर्दोष लोगों पर किये जा रहे हमलो को रोकने के लिए मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए विपक्ष बड़ा कदम उठा सकता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र में विपक्ष द्वारा गौरक्षको की गुंडागर्दी को बड़े ज़ोर शोर से उठाये जाने की सम्भावना है। इतना ही नहीं गौरक्षको के हमले रोकने के लिए विपक्ष सरकार के समक्ष कड़ा कानून बनाने का प्रस्ताव रख सकता है। सूत्रों ने कहा कि गौरक्षको की कथित गुंडागर्दी को रोकने के लिए विपक्ष के नेता एक दूसरे के संपर्क में हैं और मानसून सत्र के दौरान इस मामले में विपक्ष की एकता नज़र आएगी। सूत्रों ने कहा कि हाल ही में नेशनल हेराल्ड अख़बार की लॉन्चिंग कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी द्वारा दिए गए भाषण से साफ़ है कि गौरक्षा के नाम पर हो रहे हमलो पर अब कांग्रेस खामोश नहीं बैठेगी।


गौरतलब है कि शनिवार को नेशनल हेराल्ड समाचारपत्र के प्रकाशन के अवसर पर यहां आयोजित एक समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश में भीड़ द्वारा हमला बोलकर की जा रही निर्दोष लोगों की हत्याओं पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि देश की समावेशी परिकल्पना पर हमला हो रहा है तथा देश घरेलू कुशासन के कारण बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। इतना ही नहीं सोनिया गाँधी ने कहा कि आज कट्टरपंथी ताकतों ने भारत के बहुत समय से आजमाये गये मूल्यों पर सवालिया निशान लगा दिया है। बढ़ती हुई असहिष्णुता के बीच द्वेषपूर्ण ताकतें लोगों को बता रही हैं कि उन्हें क्या नहीं खाना चाहिए, किससे प्यार नहीं करना चाहिए और उन्हें क्या विचार नहीं करना चाहिए और इन सब को चौकसी के नाम पर उपद्रव करने वाली संस्कृति द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है।


इनको उन लोगों का सक्रीय सहयोग मिल रहा है जिनका काम कानून को लागू करना है। इस तरह के उदाहरण तकरीबन प्रतिदिन हमारी अंतरात्मा को आहत करते हैं। वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस के अलावा कम्यनिस्ट पार्टी और तृणमूल कांग्रेस भी गौरक्षको के हमलो पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठा चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात यात्रा के दौरान गौसेवा के नाम पर हत्याओं पर सवाल उठाने पर तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने हमला बोलते हुए कहा था कि केवल बयानबाज़ी से काम नहीं चलेगा, कुछ कर के दिखाया जाना चाहिए। वहीँ आगामी मानसून सत्र में जीएसटी, मध्य प्रदेश में किसानो पर हुई फायरिंग के मुद्दे पर भी विपक्ष सरकार को घेरेगा। इसके अलावा कश्मीर में अशांति और सिक्किम में चीनी सेना की घुसपैठ का मुद्दा भी संसद में गूँजने की सम्भावना है।

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