Top
Janskati Samachar

रविशंकर ने कहा- मुस्लिम नहीं देते हमें वोट, फिर भी करते हैं उनका सम्मान

रविशंकर ने कहा- मुस्लिम नहीं देते हमें वोट, फिर भी करते हैं उनका सम्मान
X

नई दिल्ली: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा कि वह जानते हैं कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देते इसके बावजूद बीजेपी उनका पूरा सम्‍मान करती है और पार्टी ने कभी उनको परेशान नहीं किया है या सताया नहीं है


ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें


मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रविशंकर प्रसाद ने एक कार्यक्रम में बहुसांस्‍कृतिक समाज के संबंध में किए गए सवाल का जवाब देते हुए कहा,''हम लोग भारत की विविधता का सम्‍मान करते हैं, पिछले काफी वक्‍त से हमारे खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है



लेकिन आज लोगों के आर्शीवाद से हम लोग यहां हैं. 15 राज्‍यों में हमारा शासन है. 13 राज्‍यों में हमारे सीएम हैं. हम लोग देश पर शासन कर रहे हैं. लेकिन क्‍या हम लोगों ने किसी भी तरह का काम कर रहे किसी भी मुसलमान शख्‍स को परेशान किया? क्‍या हमने किसी भी मुसलमान को नौकरी से निकाला? हमें अच्‍छे से पता है कि हम लोगों को मुसलमान वोट नहीं देते लेकिन क्‍या हम उनको उचित सुविधा नहीं दे रहे हैं?


ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें


अपने पक्ष में तर्क देते हुए रविशंकर प्रसाद ने इस बार पद्म श्री से नवाजे गए अनवर उल हक का उल्‍लेख किया रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अनवर पश्चिम बंगाल में चाय बागान मजदूर हैं वह बीमार लोगों को अपनी बाइक पर बैठाकर अस्‍पताल तक पहुंचाते हैं इसके पीछे भी एक कहानी है, उनकी मां की सही इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई थी, तब से उन्‍होंने अपनी मोटरसाइकिल को ही अपनी एंबुलेंस बनाने का फैसला किया उसके बाद से आज तक वह 2000 से भी अधिक लोगों को इसके माध्‍यम से अस्‍पताल पहुंचाकर लोगों की जिंदगियां बचा चुके हैं


ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें


जनता की भलाई के इस काम के लिए सरकार ने उनके काम को सराहते हुए उनको सम्‍मानित किया है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने खुद अनवर उल हक को फोन करते हुए कहा कि हम आपके काम की सराहना करते हैं, लिहाजा आपको सम्‍मानित करना चाहते हैं इसके बाद प्रसाद ने कहा, 'हम लोगों ने अनवर का धर्म नहीं देखा और ना ही पूछा कि उन्‍होंने हमें वोट किया था या फिर नहीं.'

Next Story
Share it