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Janskati Samachar

अंडर 19 विश्व कप जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया है,

अंडर 19 विश्व कप जीतकर भारत ने इतिहास रच दिया है,
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भारत चौथी बार इस टूर्नामेंट को जीतकर दुनिया की पहली देश बनी जिसने तीन से अधिक बार अंडर 19 विश्व कप जीता हो।
बे ओवल स्थित माउंट मूँगनूई में खेले जा रहे फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से रौंदा, टॉस जीत पहले बल्लेबाजी करने उतरी कंगारू टीम ने तेज़ शुरुआत करी। पॉवरप्ले खत्म होने तक ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 2 विकेट खो कर 52 रन बनाये। जोनाथन मरलो ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए 102 गेंदों में 6 चौकों की मदद से सर्वाधिक 76 रन बनाये, मरलो का साथ देते हुए परम उप्पल ने 34 रन बनाए, उप्पल और मरलो ने चौथे विकेट के लिए 75 रन जोड़कर पारी सम्भालने की भरपूर कोशिश की। दोनों के आउट होते ऑस्ट्रेलियाई पारी ढहते नज़र आई और पूरी टीम 47.2 ओवरों में 216 पर सीमट गयी। भारत की ओर से ईशान पोरेल, शिवा सिंह, कमलेश नगरकोटी और अनुकूल राय ने क्रमशः दो-दो विकेट लिए।

217 का लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने भी तेज शुरुआत की और पावरप्ले तक बिना विकेट खोये 55 रन बनाए। आउट होने से पहले कप्तान पृथ्वी शॉ ने 41 गेंदों में 29 रन बनाकर तेज़ गेंदबाज़ विल सदरलैंड का शिकार बने।
ओपनर मनजोत कालरा का साथ देने उतरे शुभमान गिल ने अपने स्वभाव से परिचित आक्रामक बल्लेबाज़ी करते हुए 4 चौंको की मदद से 30 गेंदों में 31 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शाम ढलते जा रही थी और भारत जीत की ओर बढ़ते जा रही थी, मनजोत के साथ पारी बढ़ाने उतरे हारविक देसाई ने अंत तक मनजोत का साथ निभाया और 61 गेंदों में 5 चौंको की मदद से नाबाद 47 रनों की पारी खेली, उनसे पहले मनजोत कालरा ने फाइनल में शतक जड़ दूसरे ऐसे बल्लेबाज़ बने जिन्होंने अंडर 19 विश्व कप फाइनल में शतक बनाया उनसे पहले 2012 में भारत के उन्मुक्त चंद ने यह उपलब्धि हासिल की, चंद ने 2012 फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ नाबाद 111 रन बनाकर भारत को तीसरी बार चैंपियन बनाया था। दिल्ली के मनजोत कालरा ने 102 गेंदों में 101 नाबाद रनों की यादगार पारी खेली जिनमें 8 चौके और 3 छक्के शामिल थे।
मनजोत कालरा की शतकीय पारी ने उन्हें फाइनल में मैन ऑफ द मैच का खिताब दिलाया और भारत के ही शुभमान गिल मैन ऑफ द टूर्नामेंट बने जिन्होंने 124 के औसत से दूसरा सर्वाधिक 372 रन बनाए। वही भारतीय स्पिनर अनुकूल राय ने सर्वाधिक 9 के औसत से 14 विकेट झटके।
पत्रकार वीरेन सिंह राठौड़

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