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उत्तर प्रदेश: शिलान्यास के 10 साल बाद भी नहीं बन पाया अमिताभ का 'ऐश्वर्या राय बच्चन डिग्री कॉलेज', ग्रामीणों ने खुद चंदा इकट्ठा कर कॉलेज बनाने का उठाया बीड़ा

उत्तर प्रदेश: शिलान्यास के 10 साल बाद भी नहीं बन पाया अमिताभ का ऐश्वर्या राय बच्चन डिग्री कॉलेज, ग्रामीणों ने खुद चंदा इकट्ठा कर कॉलेज बनाने का उठाया बीड़ा
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10 साल पहले उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 70 किलोमीटर दूर बाराबंकी में स्थित गांव दौलतपुर में बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपनी पत्नी जया बच्चन, बेटे अभिषेक बच्चन और बहू ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ पहुंचे थे। जहां उन्होंने अपनी बहु एश्वर्या राय बच्चन के नाम पर एक डिग्री कॉलेज बनाने का ऐलान किया था। इसके लिए बाकायदा बच्चन परिवार ने गांव में ली गई 10 बीघा जमीन पर 27 जनवरी 2008 को 'श्रीमती ऐश्वर्या बच्चन डिग्री कॉलेज' का नींव भी रखी थी। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि बच्चन परिवार द्वारा शिलान्यास किए जाने के 10 साल बाद भी उस डिग्री कॉलेज की जमीन पर अभी तक कोई निर्माण नहीं हुआ है। इतना ही नहीं डिग्री कॉलेज की फाउंडेशन का पत्थर भी गांव के प्रधान के घर पड़ा धूल फांक रहा है।


ऐसे में निराश गांव के लोगों ने खुद चंदा इकट्ठा कर अपना एक अलग डिग्री कॉलेज बनाने का फैसला लिया। रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। अगले शैक्षिक सत्र से इस कॉलेज में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2008 में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन और एश्वर्या राय बच्चन दौलतपुर गांव पहुंचे थे और उन्होंने एश्वर्या बच्चन डिग्री कॉलेज का शिलान्यास किया था। इस दौरान बच्चन परिवार के साथ सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला और अमर सिंह भी मौजूद थे। बच्चन परिवार द्वारा इस डिग्री कॉलेज की नींव रखते ही लोगों के सपने ऊंची उड़ान भरने लगे। उनके मन में उम्मीदें खिलने लगीं, गांव में हर तरफ लोगों में खुशी थी। लोगों को लगा कि वे लोग जल्द ही ऐश्वर्या राय बच्चन के नाम पर बने स्कूल में पढ़ेंगे, लेकिन 10 साल बाद भी वह जमीन वैसी की वैसी पड़ी हुई है।


बाराबंकी का दौलतपुर गांव यूपी की राजधानी लखनऊ से महज 70 किलोमीटर की दूरी पर है। जब 10 साल बाद भी बच्चन परिवार द्वारा दिखाए गए सपने हकीकत नहीं हो सके तो यहां के लोगों ने अमिताभ बच्चन के 10 बीघे के प्लॉट से महज 500 मीटर की दूरी पर पड़े एक प्लॉट पर डिग्री कॉलेज बनाने के लिए फंड इकट्ठा किया और गांव के ही लोगों ने आपस में मिलकर डिग्री कॉलेज का निर्माण करा रहे हैं। इसके लिए लोगों ने 60 लाख रुपए भी इकट्ठे कर लिए हैं, वहीं गांव के ही एक शख्स ने कॉलेज के लिए जमीन दान की है। इस कॉलेज के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के एक अध्यापक सत्यवान शुक्ला ने गांव में कॉलेज बनाने के लिए ठानी। उनके पिता और भाई ने कॉलेज के लिए अपनी 10,000 स्क्वॉयर मीटर जमीन दान दी और ग्रामीणों ने आपस में मिलकर कॉलेज के निर्माण का काम शुरू करवाया।


इस बिल्डिंग में 12 क्लासरूम बन चुके हैं। इस कॉलेज में सह-शिक्षा होगी। इसका नाम दौलतपुर डिग्री कॉलेज रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कॉलेज को डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी फैजाबाद से संबद्ध कराया गया है। अगले शैक्षिक सत्र से यहां बीए और बीएससी की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इस कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी में उन लोगों को शामिल किया गया है, जिन्होंने कॉलेज बनाने के लिए चंदा दिया है। कॉलेज की लाइब्रेरी भी हाल ही में शुरू की गई है। लाइब्रेरी का उद्घाटन साहित्य एकैडमी के विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने किया था। दौलतपुर गांव के लोग कॉलेज बनने को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि उनके बच्चों पढ़ने के लिए गांव से करीब 30 किलोमीटर दूर बने कॉलेज में जाना पड़ता है। अब वह बहुत खुश है कि उनके यहां कॉलेज बन रहा है। वहीं, इस संबंध में बच्चन परिवार से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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