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मोदी राज में धनपशुओं की बल्ले-बल्ले, पढ़िए स्विस बैंक में जमा भारतीयों का पैसा कैसे 50 फीसदी बढ़ा ?

मोदी राज में धनपशुओं की बल्ले-बल्ले, पढ़िए स्विस बैंक में जमा भारतीयों का पैसा कैसे 50 फीसदी बढ़ा ?
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साल 2014 में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार रहे मोदी ने देशवासियों से वादा किया था अगर वो पीएम बन जाएंगे तो विदेश से कालाधन लाकर सबके खाते में 15-15 लाख डाल जाएंगे।मलेकिन मोदी के पीएम के चार साल बाद यहीं सवाल अब परेशान करने लगा है। एक तरफ तो केंद्र की मोदी सरकार भ्रष्टाचार और काले धन पर लगाम कसने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। लेकिन स्विस बैंक की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने मोदी सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्विस बैंक की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में वहां जमा भारतीयों की पूंजी में करीब 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्विस बैंकों में जमा भारतीयों का पैसा पिछले चाल साल में पहली बार बढ़कर पहले पिछले साल 1 अरब स्विस फ्रैंक यानी 7 हजार करोड़ रुपए हो गया है।


मोदी को ले डूबेगा कालेधन का मुद्दा !

स्विस बैंकोें में 50 फीसदी भारतीयों के धन की बढ़ोत्तरी के बाद ऐसा लगता है कि केंद्र की मोदी सरकार ने अभी तक सिर्फ कागजों पर ही कार्रवाई की है। विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर हमलावर है लेकिन सरकार खामोश । इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि स्विस बैंक में भारतीयों के धन में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है तो वहीं, पाकिस्तानियों के धन में लगभग 21 फसी की कमी आई है। हैरानी की बात तो ये है कि कालेधन को लेकर ये चौंकाने वाले आंकड़ा तब सामने आया है जब केंद्र की मोदी सरकार विदेशों में धन जमा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने का दावा कर रही है।


कालेधन पर मोदी के दावे फेल

साल 2014 लोकसभा चुनाव में तमाम दावों में विदेशों से कालाधन लाना सबसे अहम मुद्दा था। बाबा रामदेव ने मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ पूरे देश में भ्रमण किया और लाखों करोड़ों के कालेधन का दावा किया था। चुनाव साल होने की वजह से मोदी सरकार वैसे ही विपक्षी पार्टियों के निशाने पर हैं। तमाम वादों की तरह कालेधन वापस देश लाना भी मोदी सरकार का जुमला साबित होता मालूम पड़ रहा है। सच्चाई तो ये है कि कालेधन देश आने के बजाय मोदी राज में और कालेधन देश से बाहर ही चला गया। स्विस बैंक में भारतीयों के धन में इजाफा होने पर विपक्षी पार्टियों के अलावा बीजेपी के नेता भी मोदी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि मोदी कैसे कालेधन को लेकर विपक्षी पार्टियों और खासकर देशवासियों को समझाएंगे।

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