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"प्रधानमंत्री को पिछड़े मुसलमानों की फिक्र लेकिन मंडल का कर रहे है खात्मा", अमीक जामेई

प्रधानमंत्री को पिछड़े मुसलमानों की फिक्र लेकिन मंडल का कर रहे है खात्मा, अमीक जामेई
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गोरखपुर:18 अप्रैल 2017 बाबा साहब भीमराव अंबेडकर कि 126 वी जयंती के अवसर पर अम्बेडकरवादी छात्रसभा और पूर्वांचल सेना के संयुक्त तत्वाधान में गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में अंबेडकर जयंती आयोजित हुआ । इस समारोह में संविधान बचाओ-देश बचाओ अभियान' उत्तर प्रदेश के सदस्य अमीक जामेई बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।

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अमीक जामेई ने संबोधित करते हुए कहा कि मै यहाँ किसी पार्टी के नुमाइंदा बनकर नहीं आया हूँ, न ही उनका जवाहर लाल नेहरु विश्विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार से उनका कोई सम्बन्ध है, उनका सम्बन्ध रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या के विरोध में बहुजन के साथ रहा है और सामाजिक न्याय पर जब जब प्रहार होगा हम आपक बीच होंगे, सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की देश में बाबा साहब अम्बेडकर के संविधान को बदलकर इस देश के धर्मनिरपेक्षता को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है ।



जामेई ने कहा की जो लोग कभी बाबासाहब अम्बेडकर को देशद्रोही कहते थे, उनका पुतला जलाते थे आज वो ही लोगबड़े पैमाने पर उनकी जयंती मनाने का ढोंग कर रहे है और उसकी आड़ में बाबा साहब अम्बेडकर के विचारों को कुचलने के प्रयास लगातार कर रहे है ।अमीक जामेई ने कहा कि केंद्र की सरकार देश की जनता को मूलभूत मुद्दों से भटकाकर, उन्हें जाति और साम्प्रदाय की लड़ाई में उलझा रही है, आज की तारीख में देश में बाबा साहब के संविधान को बचाना, लोकतंत्र को बचाना हमारे लिए सबसे बड़ी लड़ाई है और हमे इस लड़ाई को हर हाल में जीतना ही होगा।


हम संविधान और बाबा साहब के दिये अधिकारों को बचाकर ही बाबा साहब अम्बेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते है।

जामेई ने कहा है की सोनू निगम को बहुलता वाले समाज की समझ नहीं है वोह समाज को टुकड़े करदेने वालो के हाथो खेल रहे है, जगराता, चर्च गुरूद्वारे , मंदिर मस्जिद की आवाज़े हमारे दिन रात की ज़िंदगी और टोलरेंस की निशानी है जो लोग एक दसूरे के साथ सद्भाव टोलरेंस के साथ नहीं मिल कर रह सकते है उन्हें किसी बयाबान में बस जाना चाहिए!

कार्यक्रम की अध्यक्षत कर रहे प्रोफेसर आलोक प्रसाद ने कहा कि गैरबराबरी के खिलाफ लड़ाई ही अम्बेडकरवाद है , और जो ऐसा करते है वो ही बाबा साहब अम्बेडकर के सच्चे अनुयायी है । उन्होंने कहा कि जरूरी नही की गैर बराबरी की लड़ाई सड़को पर ही लड़ी जाए बल्कि इसकी शुरुआत अपने घर से भी किया जा सकता है ।

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अन्नू पासवान ने कहा कि हम महिलाओं के लिए बाबा साहब अम्बेडकर तमाम कानून बनाये और हमे समाज मे बराबरी का कानूनी अधिकार दिया हम इसके लिए बाबा साहब की आभारी है । इस अवसर पर बौद्ध बिचण्डी प्रसाद, संतोष सिंह, प्रोफेसर गोयल प्रसाद, छात्रसंघ अध्यक्ष अमन यादव, बहादुर गौतम, डॉ हितेश सिंह, राजन यादव उर्फ अर्थी बाबा डॉ राजेश कुमार यादव, छात्रनेता अखिलदेव त्रिपाठी, दिलीप सुमन, कमलेश यादव ने भी अपने विचार रखे । गोष्टि के अंत मे अम्बेडकरवादी छत्रसभा के अध्यक्ष अमर सिंह पासवान ने सभी अतिथितियों, छात्र छात्राओं को धन्यवाद दिया । गोष्टि का संचालन पूर्वंचल सेना अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप ने किया ।

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