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"नेहरू-गांधी की वजह से भारत कठिन समय का सामना कर पा रहा" : मोदी सरकार पर शिवसेना का निशाना

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है कि यह देश नेहरू और गांधी द्वारा किए गए प्रयासों पर टिका हुआ है, नहीं तो कोरोना से सवा सौ करोड़ लोग कब के खत्म हो चुके होते।

नेहरू-गांधी की वजह से भारत कठिन समय का सामना कर पा रहा : मोदी सरकार पर शिवसेना का निशाना
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नई दिल्ली। कोरोना के नियंत्रण में असफल मोदी सरकार चारों और से आलोचना झेल रही है। वर्षों तक बीजेपी की सहयोगी रही शिवसेना ने मोदी सरकार की नाकामी पर जमकर निशाना साधा है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कहा है कि यह देश नेहरू और गांधी द्वारा किए गए प्रयासों पर टिका हुआ है, नहीं तो कोरोना से सवा सौ करोड़ लोग कब के खत्म हो चुके होते।

शिवसेना ने सामना में मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दावे पर भी निशाना साधा है। शिवसेना ने कहा है कि मोदी सरकार की नाकामी का नतीजा यह हुआ है कि आज ऐसा वक्त आ गया है कि भारत को गरीब देशों से मदद लेनी पड़ रही है। शिवसेना ने कहा है कि आज बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका जैसे गरीब देशों से भारत को मदद लेनी पड़ रही है। सामना में कहा गया है कि सच तो यही है कि आज यह देश नेहरू और गांधी द्वारा निर्माण की गई व्यवस्था पर टिका हुआ है, अन्यथा सवा सौ करोड़ लोग कब के खत्म हो चुके होते।

शिवसेना ने कहा है कि ऐसे दौर में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जारी रखना न सिर्फ दुखद है बल्कि आश्चर्यजनक भी है। सामना में कहा गया है कि एक तरफ भारत गरीब देशों से मदद ले रहा है वहीं दूसरी तरफ मोदी सरकार अपने लिए महल तैयार करने में लगी हुई है। शिवसेना ने मोदी को दिल्लीश्वर की संज्ञा देते हुए कहा है कि कोरोना से दिल्लीश्वर ने कितना सदमा लिया होगा यह तो नहीं पता लेकिन दुनिया भर के बाकी देशों ने ज़रूर लिया है। शिवसेना ने यह भी कहा है कि इस समय पड़ोसी देश भारत की मदद इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में जल रही चिताओं के धुएं के कारण उनके देश में कोरोना फैले।

शिवसेना ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय बारंबार केंद्र सरकार को फटकार लगा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की एक राष्ट्रीय टीम के बनिस्बत कोरोना के सामने हथियार डाल रहे हैं। सामना में कहा गया है कि जो भयावह स्थिति आज निर्मित हुई है, इससे भी अधिक भयावह स्थिति निर्मित हो सकती थी अगर पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, शास्त्री जी और मनमोहन सिंह जैसे नेतृत्व कर्ताओं ने प्रयास न किए होते। यह देश इन्हीं लोगों द्वारा किए गए अथक प्रयासों के कारण टिका हुआ है।

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