पायल रोहतगी को सफूरा जरगर के खिलाफ Tweet करना पड़ा भारी, मुंबई कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

मुंबई। अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाली मॉडल-अभिनेत्री पायल रोहतगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि मुंबई स्थित अंधेरी की एक अदालत ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की छात्रा सफूरा जरगर के खिलाफ आपत्तिजनक Tweet करने के मामले में रोहतगी के खिलाफ जांच करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि रोहतगी का ट्वीट मुस्लिम समुदाय और महिलाओं का अपमान करते हैं, ऐसे में इस ट्वीट की जांच होनी चाहिए। मामले की सुनवाई करते हुए मेट्रोपोलिटिन मजिस्ट्रेट भगवत जिरापे ने अपने आदेश में कहा है कि हर धर्म का मान है और किसी को हक नहीं कि वो किसी के भी धर्म पर उंगली उठाए या उसका अपमान करे, ये सरासर गलत है, ऐसे में इस ट्वीट और बयान की जांच होनी चाहिए।
आपको बता दें कि कि सफूरा के खिलाफ पायल रोहतगी ने वो ट्वीट जून 2020 में किया था। उस वक्त सफूरा दिल्ली में हिंसा फैलाने के आरोप में जेल में बंद थीं और गर्भवती थीं। हालांकि बाद में उन्हें मानवीयता के आधार पर बेल दे दी गई थी। उसी दौरान पायल ने सफूरा और उनके धर्म को लेकर कुछ ट्वीट किए थे, जिस पर बवाल मच गया था। ट्विटर ने भी पायल का अकाउंट सस्पेंड कर दिया था। जिसके बाद कुछ लोग पायल रोहतगी के समर्थन में उतर आए थे और कहा था कि पायल का अकाउंट बहाल किया जाए।
जिस पर पायल रोहतगी ने सबका आभार जताने वाले का शुक्रिया कहा था और अपने खिलाफ बोलने वाले को आड़े हाथों लिया था। कुछ लोगों ने उन्हें सफूरा के खिलाफ बोलने पर नागिन तक कह दिया था, जिनको जवाब देते हुए पायल ने कहा था कि 'कुछ लोग तथाकथित धर्म के ठेकेदार मुझ जैसी सच बोलने वाले को नागिन कह रहे हैं और उसका साथ दे रहे हैं, जो कि दिल्ली की सड़कों पर खून फैलाने के पीछे हैं।'
उसी समय पायल के खिलाफ मुंबई में केस फाइल हुआ था। एडवोकेट अली काशिफ खान देशमुख ने मुंबई की अंबोली पुलिस में FIR दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने जब इस पर ठोस एक्शन नहीं लिया तब एडवोकेट ने कोर्ट का रूख किया था। जिस पर कल सुनवाई हुई और उसके बाद कोर्ट ने पायल के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। अली काशिफ खान ने अपनी याचिका में कहा था कि रोहतगी के ट्वीट्स समाज में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाते हैं, ऐसे में उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए।
कौन है सफूरा जरगर?
मालूम हो कि 13 अप्रैल 2019 को सफुरा को दिल्ली पुलिस ने हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया था, तब वो साढ़े चार माह की गर्भवती थीं। फरवरी 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगा भड़का था और इस मामले में जरगर को गिरफ्तार किया गया था। जरगर जामिया की एमफिल की छात्रा हैं, दिल्ली हिंसा 24-25 फरवरी को हुई थी और इसमें 53 लोगों की जान चली गई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे।
