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Corona Curfew in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में फिर बढ़ाया गया लॉकडाउन, अब इतने दिनों तक रहेंगी पाबंदियां

कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने उत्तर प्रदेश में हाहाकार मचा रखा है। तो वहीं, प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को 10 मई दिन सोमवार की सुबह 7 बजे तक बढ़ा दिया है।

Corona Curfew in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में फिर बढ़ाया गया लॉकडाउन, अब इतने दिनों तक रहेंगी पाबंदियां
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लखनऊ, मई 05: कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने उत्तर प्रदेश में हाहाकार मचा रखा है। तो वहीं, प्रदेश सरकार ने कोरोना के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन को 10 मई दिन सोमवार की सुबह 7 बजे तक बढ़ा दिया है। हालांकि इस दौरान पहले की तरह ही जरूरी सेवाओं की छूट रहेगी। लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला टीम-11 के साथ बैठक के बाद प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने लिया है। बता दें, प्रदेश में पहले वीकेंड लॉकडाउन को दो दिन के लिए बढ़ाया गया था, जो कल सुबह 7 बजे खत्म होना था।

दरअसल, पंचायत चुनाव के बाद यूपी के गांवों में कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। इसके चलते प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, प्रदेश सरकार की तरफ से पहले जो आदेश आया था, उसके मुताबिक, लॉकडाउन को दो दिन के लिए बढ़ाया गया था, जो कल सुबह 7 बजे खत्म होना था। अब सरकार ने पूरे हफ्ते लॉकडाउन लगाने का ऐलान कर दिया है। यानी सोमवार सुबह 7 बजे तक पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लागू रहेगा। इतना ही नहीं, सरकार ने सभी जिला प्रशासन को गांवों में वैक्सीनेशन और सैनिटाइजेशन को तेज करने का निर्देश दिया है।

ग्रामीण इलाकों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुधवार से प्रदेश सरकार घर-घर जांच अभियान शुरू किया है। यह अभियान 9 मई तक चलेगा। इस दौरान गांव के हर व्यक्ति के बारे में जानकारी ली जाएगी, जिन लोगों में कोरोना के लक्षण होंगे अथवा जो दूसरे प्रदेश से लौट कर आए हैं उनकी कोविड जांच की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। हर टीम में 2 सदस्य होंगे। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तो दूसरा अध्यापक अथवा निगरानी समिति का सदस्य होगा। हर टीम को 1000 लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। टीम के सदस्यों को प्रतिदिन 100 मानदेय दिया जाएगा।

ग्रामीण इलाके में होने वाली जांच के सैंपल को वरीयता के आधार पर लैब में भेजा जाएगा। जांच के दौरान जिन्हें बुखार, खांसी अथवा सांस फूलने जैसे लक्षण होंगे उनकी जांच के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि किसी घर में कोविड पॉजिटिव व्यक्ति है तो उसे होम आइसोलेशन में रहने के तरीके भी बताए जाएंगे। संबंधित व्यक्ति को जिला मुख्यालय और राज्य स्तर पर चल रही हेल्प लाइन के बारे में भी टीम जानकारी देगी।

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