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Alambadi Biography In Hindi | आलमबदी का जीवन परिचय

Alambadi Biography In Hindi | कहा जाता है कि आलमबदी की ईमानदारी से इनकी विधायकनिधि से काम करने वाले ठेकेदार भी घबराते हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र में बनने वाली सड़क यह खुद बैठकर बनवाते हैं।

Alambadi Biography In Hindi  आलमबदी का जीवन परिचय
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Alambadi Biography In Hindi आलमबदी का जीवन परिचय

Alambadi Biography In Hindi | आलमबदी का जीवन परिचय

अपनी सादगी के लिये मशहूर तीन बार से विधायक आलमबदी को इस बात का कभी कोई अभिमान नहीं रहा। वह टिनशेड के नीचे रहते हैं। अपनी फर्नीचर की पुरानी दुकान पर बैठते हैं। राजनीति में आने से पहले वह बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर थे। इन्होंने नौकरी छोड़कर सिविल लाइन में एक वेल्डिंग की दुकान खोल ली और वहीं से विधायक बनने की कहानी शुरू हुई। पहली बार 1996 में समाजवादी पार्टी से विधायक बने। 2002 में भी यह विधायक बने पर 2007 में इन्हें दूसरे नंबर से संतोष करना पड़ा। पर 2012 में इन्होंने फिर विजय पायी और अब 2017 की मोदी लहर को भी परास्त कर दिया।

बड़ी बात यह कही जाती है आलमबदी के बारे में कि यह कभी टिकट मांगने नहीं जाते। इन्हें पहले मुलायम सिंह यादव खुद टिकट देते थे और जब सपा की कमान अखिलेश यादव के हाथों में आयी तो उन्होंने भी बिना मांगे ही टिकट दिया, क्योंकि इनकी सादगी को सपा में जीत की जमानत समझा जाता है। अब तक इन पर किसी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लग सका है। जानने वाले बताते हैं कि अब जाकर उन्होंने बोलेरो लिया है। उनके पास कार नहीं थी। वह पैदल की प्रचार पर निकल जाते। बाकी रोजाना काकाम भी उनका पैदल ही चलता। इनका एक और अंदाज राजनीति और जनता में खूब पसंद किया जाता है। यह विरोधी या फिर पार्टी की परवाह किये बिना मानवीय संवेदना निभाते हैं। मऊ जिले के भाजपा विधायक की हत्या हो गई तो वह श्रद्वांजलि देने खुद मंच पर गए थे। उनका तर्क था कि दिवंगत विधायक थे विधायक होने के नाते वो मेरे भाई हुए।

कहा जाता है कि आलमबदी की ईमानदारी से इनकी विधायकनिधि से काम करने वाले ठेकेदार भी घबराते हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र में बनने वाली सड़क यह खुद बैठकर बनवाते हैं। चुनाव जीतने के बाद जब उन्हें दो गनर मिले तो उन्होंने एक को लौटा दिया। तर्क दिया कि एक आदमी के लिये दो गनर की क्या जरूरत। उनकी इस सादगी पर जनता और मोहित हुई।

Alambadi Biography In Hindi | आलमबदी का जीवन परिचय

पूरा नाम आलमबदी

निर्वाचन क्षेत्र - 348, निज़ामाबाद

जिला - आजमगढ़,

दल - समाजवादी पार्टी

पिता का नाम श्री वदीउज्जमा आज़मी

जन्‍म तिथि 16 मार्च, 1936

जन्‍म स्थान ग्राम- विन्दवल (आजमगढ़)

धर्म इस्लाम

जाति मुस्लिम

शिक्षा इण्‍टरमीडिएट, डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल एण्ड मैकेनिकल इंजीनियरिंग)

विवाह तिथि अक्टूबर, 1960

पत्‍नी का नाम श्रीमती कुदसिया खान

सन्तान छ: पुत्र

व्‍यवसाय इंजीनियरिंग

मुख्यावास 145, कुर्मी टोला, जनपद- आजमगढ़ ।

अस्थाई पता 112, न्‍यू ब्‍लॉक-दारुलसफा बी ब्लाक, जनपद- लखनऊ ।

मोबाइल नं0 8765955047

राजनीतिक योगदान

  1. 1996, सितम्बर- अक्टूबर तेरहवीं विधान सभा के सदस्य पहली बार निर्वाचित
  2. 2002, फरवरी चौदहवीं विधान सभा के सदस्य दूसरी बार निर्वाचित
  3. 2012-2017 सोलहवीं विधान सभा के सदस्य तीसरी बार निर्वाचित
  4. 2012-2013 सदस्य, सरकारी आश्वासन सम्बन्धी समिति
  5. मार्च, 2017 सत्रहवीं विधानसभा के सदस्य चौथी बार निर्वाचित

विशेष अभिरूचि राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा, असहाय एवं गरीबों की सहायता, पठन-पाठन।

विदेश यात्रा सऊदी अरब।

अन्‍य जानकारी

सदस्य, याचिका समिति, नियम समिति, संस्थापक व संयोजक, कौमी एकता मंच, आजमगढ़ (10 वर्षो से), संस्थापक सदस्य, मुस्लिम रिलीफ कमेटी, आजमगढ़, 'देश के रौशन मुस्तकबिल की एक राह कौमी एकता' शीर्षक पुस्तक के लेखक जो प्रकाशनाधीन है , विभिन्न आन्दोलनों में धारा 153 (ए) एन0एस0ए0 के अन्तर्गत 1 माह 10 दिन गोरखपुर कारागार में व 15 दिन लखनऊ कारागार में बंदी रहे ।

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