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History of Samajwadi Party | समाजवादी पार्टी का इतिहास

History of Samajwadi Party | चार और पांच नवंबर को बेगम हजरत महल पार्क में पार्टी का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया. मुलायम सिंह जी सपा के अध्यक्ष, जनेश्वर मिश्र उपाध्यक्ष, कपिल देव सिंह और मोहम्मद आजम खान पार्टी के महामंत्री बने.

History of Samajwadi Party | समाजवादी पार्टी का इतिहास
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History of Samajwadi Party | समाजवादी पार्टी का इतिहास

पूरा नाम: समाजवादी पार्टी

संक्षेप नाम: सपा (SP)

गठन: 4 अक्टूबर, 1992

संस्थापक: मुलायम सिंह यादव

वर्तमान: अध्यक्ष अखिलेश यादव

महासचिव: किरनमोय नन्दा

नेता लोकसभा: मुलायम सिंह यादव

नेता राज्यसभा: राम गोपाल यादव

चुनाव चिह्न: साइकिल

History of Samajwadi Party | समाजवादी पार्टी का इतिहास

समाजवादी पार्टी उत्तरप्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी है. सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव हैं. इसकी स्थापना 4 अक्टूबर 1992 को की गई थी. पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के रक्षामंत्री रह चुके हैं. 12 अक्टूबर,1967 में डॉ. राम मनोहर लोहिया के निधन के बाद 1967 से लेकर 1992 तक समाजवादी आन्दोलन-संगठन का विघटन अफसोसजनक व दुर्भाग्य पूर्ण रहा. समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं में से मुलायम सिंह यादव पार्टी संस्थापक, लोकसभा सांसद, पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, रामचंद्र सिंह यादव- पूर्व विधायक और बिहार प्रदेश अध्यक्ष, अखिलेश यादव- उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, धर्मेंद्र यादव- लोकसभा सांसद, आजम खान- सात बार बिधायक, पूर्व लोकसभा सांसद, सचिव, वरिष्ठ मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, राम गोपाल यादव- सचिव, नेता राज्यसभा, शिवपाल सिंह यादव- वरिष्ठ सदस्य, लोक निर्माण विभाग मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, हाजी उमर सिद्दिकी- प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा उत्तर प्रदेश प्रमुख रूप से है.

मुलायम सिंह यादव पार्टी संस्थापक

चार और पांच नवंबर को बेगम हजरत महल पार्क में पार्टी का पहला राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया. मुलायम सिंह जी सपा के अध्यक्ष, जनेश्वर मिश्र उपाध्यक्ष, कपिल देव सिंह और मोहम्मद आजम खान पार्टी के महामंत्री बने. मोहन सिंह को प्रवक्ता नियुक्त किया गया. लेकिन बेनी प्रसाद वर्मा कोई पद न मिलने की वजह से रूठकर घर बैठ गए. सम्मेलन में नहीं आए. मुलायम सिंह ने उन्हें घर जाकर मनाया और सम्मेलन में लेकर आए.

बेगम हजरत महल पार्क

मुलायम जहां राज्य के तीन बार मुख्‍यमंत्री रहे हैं, वहीं अखिलेश यादव मार्च 2012 से मार्च 2017 तक राज्य के मुख्‍यमंत्री रहे. 2012 के चुनाव में सपा ने 224 सीटें हासिल कर एकतरफा बहुमत प्राप्त किया था. सपा का मुख्य रूप से जनाधार अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) खासकर यादवों में ज्यादा है. मुस्लिम समुदाय का उसे अच्छा समर्थन प्राप्त है.

हालांकि लोहिया के समाजवाद को आदर्श मानने वाली सपा परिवारवाद का सबसे बड़ा उदाहरण है. मुलायम, ‍शिवपाल (अब अलग), रामगोपाल, अखिलेश, डिंपल यादव, धर्मेन्द्र यादव आदि ऐसे नाम हैं, जो यादव परिवार से ही आते हैं. इनके अलावा विधानसभा और पंचायत स्तर पर भी कई ऐसे नाम हैं, जो यादव परिवार से आते हैं.

जानिए, समाजवादी पार्टी का इतिहास

यूपी से लगे मध्यप्रदेश के इलाकों में भी सपा ने अपनी अच्छी उपस्थिति दर्ज कराई. 2003 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को 7 सीटें प्राप्त हुई थीं. उस समय सपा मप्र में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी थी. सपा मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, बिहार आदि राज्यों में भी चुनावी मैदान में उतर चुकी है. हालांकि वहां उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली. 16वीं लोकसभा में इसके पांच सदस्य हैं.

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