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योगीराज: उन्नाव गैंगरेप पीड़ित का परिवार धरने पर, पीड़िता के चाचा को पेरोल देने की मांग

लखनऊ: उन्नाव रेप पीड़िता के एक्सीडेंट (Unnao Accident) मामले में BJP विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar) सहित 10 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. उन्नाव रेप पीड़िता (Unnao Rape Survivor) के चाचा ने यह एफआईआर दर्ज करवाई है. उधर, एफआईआर के अनुसार एक नया मामला सामने आया है. एफआईआर के अनुसार उन्नाव रेप पीड़िता की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने उसकी गतिविधियों की सूचना जेल में बंद बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर (Kuldeep Sengar) को पहुंचाई थी. बता दें कि 2017 में नाबालिग का बीजेपी विधायक ने कथित तौर पर रेप किया था, जिसकी कार रविवार को यूपी के रायबरेली में दुर्घटना की शिकार हो गई. कार को उल्टी दिशा से आ रहे एक ट्रक ने सामने से टक्कर मारी थी. हादसे में पीड़िता की मौसी, चाची और ड्राइवर की मौत हो गई थी, वहीं पीड़ित लड़की और उसका वकील गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं.
पीड़ित लड़की के परिवार ने विधायक पर आरोप लगाया कि 'कार दुर्घटना लड़की को जान से मारने की साजिश' थी. पीड़िता के चाचा की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर में पुलिस ने बताया कि लड़की की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उसके यात्रा प्लान की जानकारी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर और उसके सहयोगियों तक पहुंचाई. बता दें कि रविवार को हादसे के समय लड़की की सुरक्षा में तैनात कोई भी पुलिसकर्मी उसके साथ नहीं था. लड़की की सुरक्षा में तैनात गनर सुरेश ने बताया कि कार में जगह नहीं होने के कारण सुरक्षाकर्मियों को रुकने के लिए कहा गया था. सुरेश ने बताया, 'चाची ने कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि पांच लोग जा रहे थे और शाम तक वापस आ जाएंगे.' एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विधायक कुलदीप सेंगर और उनके सहयोगी इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार थे और पीड़ित परिवार पर केस वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे. पत्रकारों से बात करते हुए, लड़की की मां ने कहा कि मामले के सह-आरोपी के बेटे शाही सिंह और गांव के एक अन्य युवक ने उन्हें धमकी दी थी.
पीड़िता की मां का कहना है कि 'हमें पता चला है कि विधायक के लोग जिम्मेदार हैं. ये लोग पिछले कई दिनों से धमकी दे रहे थे. जब भी हम कोर्ट जाते थे तो कहते थे कि वह भले जेल में हैं, लेकिन उनके आदमी बाहर हैं. वह जेल के अंदर मोबाइल फोन यूज किया करता था. हमें न्याय चाहिए.' वहीं, पुलिस ने कहा कि वह पीड़ित परिवार के दावों की जांच कर रही है. बता दें कि उन्नाव रेप मामला पिछले साल उस समय चर्चा में आया था जब, उस समय 16 साल की रही पीड़ित लड़की ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर न्याय के लिए प्रदर्शन किया था.पीड़ित लड़की ने आरोप लगाया था कि 2017 में नौकरी के लिए जब वह बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के घर गई थी तो उसके साथ बलात्कार किया गया था. घटना के लगभग एक साल बाद अप्रैल 2018 में लड़की ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर के बाहर खुद को आग लगाने की कोशिश की थी. मालूम हो कि पीड़ित लड़की के पिता जो उसका केस लड़ रहे थे, कथित रूप से उनकी मौत कुलदीप सेंगर के भाई द्वारा गंभीर रूप से पिटाई के बाद हो गई थी. लड़की के पिता पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था और दो दिनों तक हिरासत में रखा था. पुलिस की निष्क्रियता से निराश लड़की ने आत्मदाह का प्रयास किया था.
कौन है कुलदीप सिंह सेंगर
कुलदीप सिंह सेंगर ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी और सेंगर ने वर्ष 2002 का चुनाव कांग्रेस की टिकट पर उन्नाव से जीता था. इसके बाद कांग्रेस का साथ छोड़कर 2007 में सेंगर ने BSP की टिकट पर बांगरमऊ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की, लेकिन मायावती से भी ज्यादा वक्त तक नहीं बनी और सेंगर ने पार्टी छोड़ दी.
हाथी' का साथ छोड़ने के बाद कुलदीप सेंगर ने 'साइकिल' की सवारी शुरू की, और 2012 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी की टिकट पर लड़ा. मुलायम ने सेंगर को भगवंत नगर सीट से टिकट दी, और यहां कुलदीप की जीत हुई. इसके बाद राज्य में बदलते माहौल को भांपकर कुलदीप सिंह सेंगर ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर BJP का दामन थाम लिया. उत्तर प्रदेश में 2017 में हुआ विधानसभा चुनाव कुलदीप सेंगर ने BJP की टिकट पर बांगरमऊ सीट से लड़ा, और चौथी बार जीत हासिल की. कुलदीप सिंह सेंगर ने 2007 में चुनावी घोषणापत्र में अपनी कुल संपत्ति 36 लाख बताई थी और 2012 में यही संपत्ति एक करोड़ 27 लाख की हो गई. वहीं 2017 के चुनावी घोषणापत्र के मुताबिक, सेंगर की संपत्ति 2 करोड़ 14 लाख तक पहुंच गई.
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