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किसान आंदोलनः मोदी से मिलने पहुंचे शाह और तोमर, आज किसानों से होगी 5 वें दौर की बैठक

बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दोपहर किसानों के साथ एक बैठक तय है। उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे। वहीं, किसानों ने कहा है कि सरकार बार-बार तारीख दे रही है। ऐसे में सभी संगठनों ने फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है।

किसान आंदोलनः मोदी से मिलने पहुंचे शाह और तोमर, आज किसानों से होगी 5 वें दौर की बैठक
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जनशक्ति: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन 10वें दिन भी जारी है। दोपहर दो बजे विज्ञान भवन में किसानों की आज सरकार के साथ पांचवें दौर की बैठक है। किसानों ने आठ दिसंबर को 'भारत बंद' का ऐलान किया है और चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे दिल्ली की की तरफ जाने वाली सड़कों को बंद कर देंगे। इस बीच शनिवार को इस मसले पर गृहमंत्री अमित शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी हैं।

बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज दोपहर किसानों के साथ एक बैठक तय है। उम्मीद है कि किसान सकारात्मक सोचेंगे और अपना आंदोलन समाप्त करेंगे। वहीं, किसानों ने कहा है कि सरकार बार-बार तारीख दे रही है। ऐसे में सभी संगठनों ने फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है।


किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को तीन काले कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए और उसे लिखित में देना होगा कि एमएसपी जारी रहेगी। अगर आज की वार्ता से कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो राजस्थान के किसान एनएच-8 के साथ दिल्ली की ओर मार्च करेंगे और जंतर मंतर पर डेरा डालेंगे।

बता दें कि किसान कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं. किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ठोस भरोसा चाहते हैं। इससे पहले 3 दिसंबर को आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही थी।

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा, "केंद्रीय सरकार की बैठक हो रही है, हमें लगता है कि सरकार को अपना अड़ियल रवैया छोड़ना होगा। किसानों की मांगों को मानना पड़ेगा, किसान क्या चाहता है उसे अनदेखा करना उचित नहीं है। किसान आंदोलन पूरे देश में फैलता जा रहा है इसलिए सरकार जल्द ही उनकी मांगे पूरी करें।"

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