संसद में रो पड़े प्रधानमंत्री मोदी, गुलाम नबी आज़ाद को विदाई देते समय हुए भावुक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संसद में रो पड़े। राज्यसभा में आज नेता विपक्ष गुलाम नबी आज़ाद समेत चार सांसदों का कार्यकाल खत्म होने पर उन्हें विदाई दी गई। इस दौरान गुलाम नबी आज़ाद के साथ अपने पुराने संबंधों का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री भावुक हो गए। अपने भाषण के दौरान कांग्रेस नेता की तारीफ करते-करते मोदी इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुलाम नबी आज़ाद के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। मोदी ने एक आतंकी घटना में गुजरात के यात्रियों की मौत के बाद जिस तरह से गुलाम नबी आज़ाद ने अपनी चिंता प्रकट की उसकी मोदी ने खुलकर तारीफ की। मोदी ने कहा जब गुजरात के लोगों पर आतंकी हमला हुआ था तब गुलाम नबी आज़ाद ने उन्हें फोन किया था। मोदी ने कहा कि गुलाम नबी आज़ाद ने उन्हें फोन सिर्फ सूचना देने के लिए नहीं किया था, बल्कि वे फोन पर रो रहे थे।

मोदी ने बताया उस समय प्रणब मुखर्जी रक्षा मंत्री हुआ करते थे, तो उन्होंने फौज के हवाई जहाज़ की मांग की थी। मोदी ने बताया कि उसी समय एयरपोर्ट से ही गुलाम नबी आज़ाद ने फोन किया था। मोदी ने कहा कि गुलाम नबी आज़ाद वैसे ही कर रहे थे, जैसे कोई परिवार का सदस्य चिंता करता है। इतना कहते ही मोदी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।



मोदी ने आगे कहा कि पद और सत्ता राजनीतिक जीवन में आते रहते हैं। लेकिन उसे पचाना कैसे है, यह गुलाम नबी आज़ाद से सीखना चाहिए। मोदी ने कहा कि अक्सर जिस गर्मजोशी के साथ वे और गुलाम नबी आज़ाद एक दूसरे से मिलते थे। तो कई पत्रकार यह देख कर अचंभित हो जाया करते थे। एक बार पत्रकारों को गुलाम नबी आज़ाद ने कहा भी था कि टीवी पर भले ही आप राजनेताओं को आपस में लड़ते हुए देखते हों, लेकिन हमारे बीच मित्रता का भाव हमेशा ही बने रहता है। मोदी ने कहा कि एक मित्र के रूप में वे हमेशा ही गुलाम नबी आज़ाद का आदर करते हैं।

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