'भाजपा के सिर्फ 4 दिन बचे हैं', विधानसभा के मानसून सत्र पर अखिलेश यादव का बड़ा बयान, जानिए क्यों बताया 4 दिनों का पूरा हिसाब

Akhilesh Yadav UP Assembly Monsoon Session: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में यूपी विधानसभा के 4 दिवसीय मानसून सत्र को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के अंतिम दिन गिने-चुने बचे हैं, इसलिए सत्र भी मात्र चार दिनों का रखा गया है ताकि सरकार अयोध्या विवाद और छात्र आंदोलनों जैसे गंभीर मुद्दों से बच सके।

मानसून सत्र के 4 दिनों का अखिलेश यादव ने बताया पूरा गणित

रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने 3 से 6 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र को महज औपचारिकता करार दिया। उन्होंने सत्र के चारों दिनों का खाका खींचते हुए कहा कि पहले दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिससे विधायी काम नहीं होगा।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि बाकी के तीन दिनों में भी जनहित के मुद्दों पर कोई ठोस चर्चा नहीं होने वाली है। उनके अनुसार, सरकार सिर्फ समय काटने और सवालों से बचने के लिए यह छोटा सत्र आयोजित कर रही है।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद और प्रयागराज छात्र आंदोलन पर घेरा

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्र के दूसरे दिन सरकार अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर डालने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में अपनी जवाबदेही से भागना चाहती है।

तीसरे दिन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में हुए छात्र आंदोलनों से जुड़े सवालों से सरकार बचने की कोशिश करेगी। वहीं, चौथे दिन एक पीड़ित मां के सार्वजनिक अपमान के मुद्दे पर जवाब दिए बिना ही सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा।

'चला-चली की बेला में सरकार'- सपा प्रमुख ने भाजपा के भविष्य पर किया बड़ा दावा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को खुद अहसास हो चुका है कि वह दोबारा उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापस नहीं आ रही है। यही वजह है कि विधानसभा की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और जनता के पैसों व समय का नुकसान किया जा रहा है।

उन्होंने इस सत्र को 'चला-चली की बेला' का सत्र बताते हुए दावा किया कि आगामी चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा को बेदखल कर देगी। बता दें कि 3 से 6 अगस्त तक प्रस्तावित इस सत्र के दौरान सरकार द्वारा अनुपूरक बजट पेश किए जाने की संभावना है।

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