Amit Shah Controversy: अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी पड़ी भारी! इन्फ्लुएंसर के खिलाफ FIR दर्ज,जानिए क्या है पूरा मामला?

Amit Shah Controversy: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, घृणास्पद और अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में इन्फ्लुएंसर योगेश परमार कानूनी शिकंजे में पूरी तरह घिर गए हैं। लद्दाख पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम में तत्परता दिखाते हुए लेह थाने में 'जीरो एफआईआर' दर्ज की है और मामले की अगली जांच के लिए केस डायरी कर्नाटक पुलिस को सौंप दी है।
लद्दाख में दर्ज हुई जीरो एफआईआर, मैसूर ट्रांसफर हुआ मामला
फेसबुक पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो को लेकर लेह पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने साफ तौर पर कहा कि योगेश परमार ने गृह मंत्री के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, वे न केवल अमर्यादित हैं बल्कि समाज में सौहार्द्र बिगाड़ने और शांति व्यवस्था को खतरे में डालने वाले हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। चूंकि इस घटना का सीधा संबंध कर्नाटक के मैसूर शहर स्थित देवराजा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र से था, इसलिए लद्दाख पुलिस ने प्रक्रिया के तहत जीरो एफआईआर काटी और पूरे मामले को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मैसूर पुलिस को भेज दिया।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन गंभीर धाराओं में केस दर्ज
नए आपराधिक कानून के तहत पुलिस ने योगेश परमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 197(1)(डी), धारा 352 और धारा 353(1) के तहत केस दर्ज किया है। ये धाराएं मुख्य रूप से राष्ट्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली बातें कहने, जानबूझकर शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने और जनता में भय या उपद्रव फैलाने वाले बयान जारी करने से जुड़ी हैं।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, BNS की इन धाराओं के तहत आरोपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस तरह के कंटेंट को सीधे तौर पर सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला माना जाता है।
सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएटर्स की बढ़ती गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी
यह मामला सिर्फ एक वीडियो या एक इन्फ्लुएंसर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल स्पेस में बढ़ती अमर्यादित भाषा और हेट स्पीच की तरफ इशारा करता है। कई बार ज्यादा रीच, व्यूज और फॉलोअर्स हासिल करने की होड़ में कंटेंट क्रिएटर्स संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों या संवेदनशील राजनीतिक मुद्दों पर सीमा लांघ जाते हैं।
अब प्रशासन और पुलिस एजेंसियां ऐसे मामलों को काफी गंभीरता से ले रही हैं। मैसूर की देवराजा पुलिस अब इस मामले में योगेश परमार के खिलाफ जांच आगे बढ़ाएगी और उन्हें पूछताछ के लिए आधिकारिक समन भेजा जा सकता है।
