दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी: सेक्टर 142 से फरीदाबाद होते हुए इफ्को चौक तक दौड़ेगी ट्रेन, जानें स्टेशनों की लिस्ट

ग्रेटर नोएडा: दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। नोएडा एयरपोर्ट से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम तक चलने वाली नमो भारत ट्रेन के 64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी मिल गई है। मेरठ मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इस रिपोर्ट को पास करके उत्तर प्रदेश शासन के पास भेज दिया है। करीब 19,390 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में एक बड़ा इंटरचेंज जंक्शन बनेगा। इस रूट के तैयार होने से नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच हाई-स्पीड पब्लिक ट्रांसपोर्ट का एक आधुनिक गोलाकार नेटवर्क तैयार हो जाएगा।

नोएडा एयरपोर्ट से गुरुग्राम तक 64 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, 19390 करोड़ होगी लागत

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने दिल्ली-एनसीआर में कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने के लिए इस दूसरे कॉरिडोर की रूपरेखा तैयार की है। 64 किलोमीटर लंबे इस पूरे रूट में से 51 किलोमीटर का ट्रैक हरियाणा राज्य की सीमा (फरीदाबाद और गुरुग्राम) में पड़ेगा, जबकि शेष 13 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) में होगा। पूरी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए 19,390 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार से समीक्षा के बाद इस डीपीआर को अंतिम मंजूरी के लिए जल्द केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।

सूरजपुर में बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज, गाजियाबाद और फरीदाबाद की लाइनें जुड़ेंगी

इस पूरी परियोजना का सबसे अहम केंद्र ग्रेटर नोएडा का सूरजपुर होगा। सूरजपुर में नमो भारत ट्रेन का एक विशाल इंटरचेंज जंक्शन बनाया जाएगा। यहीं पर गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आने वाली 72.44 किलोमीटर लंबी पहली परियोजना और गुरुग्राम-फरीदाबाद से आने वाली इस दूसरी परियोजना की लाइनें आपस में मिलेंगी। यात्री इस इंटरचेंज पर ट्रेन बदलकर आसानी से गाजियाबाद, जेवर एयरपोर्ट, फरीदाबाद या गुरुग्राम के किसी भी कोने में जा सकेंगे। इस एकीकरण से यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।

रूट और स्टेशनों की पूरी डिटेल, जानिए फरीदाबाद से इफ्को चौक तक कहां रुकेगी ट्रेन

डीपीआर के मुताबिक सूरजपुर इंटरचेंज से निकलने के बाद यह हाई-स्पीड ट्रेन नोएडा के सेक्टर-168 और सेक्टर-142 से गुजरेगी। यहां से ट्रेन फरीदाबाद में प्रवेश करेगी और सेक्टर-87/88 होते हुए बाटा चौक पहुंचेगी। इसके बाद यह कॉरिडोर गुरुग्राम की सीमा में जाएगा, जहां ट्रेन ग्वाल पहाड़ी और सेक्टर-58/61 से होते हुए इफ्को चौक तक पहुंचेगी। इस रूट पर यात्रियों की सुविधा के लिए नमो भारत के साथ-साथ मेट्रो स्टेशनों का भी एकीकरण किया जाएगा, जिससे एक्वा लाइन और दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क से भी सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा।

रिंग रोड की तरह गोल हो जाएगा नमो भारत का ट्रैक, दिल्ली-एनसीआर को क्या होगा फायदा

जिस तरह शहरों के बाहर सड़कों को आपस में जोड़कर एक रिंग रोड बनाई जाती है, ठीक उसी तरह से नमो भारत कॉरिडोर का यह पूरा नेटवर्क एक विशाल रिंग के रूप में विकसित हो जाएगा। वर्तमान में दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मोदीनगर तक नमो भारत ट्रेन चल रही है। गाजियाबाद-जेवर एयरपोर्ट और जेवर-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर के जुड़ते ही पूरा ट्रैक गोलाकार आकृति ले लेगा। इससे गुरुग्राम और फरीदाबाद की बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों में काम करने वाले युवाओं को जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने में 40 से 50 मिनट से भी कम समय लगेगा। इसके अलावा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।

गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक प्रस्तावित पहले कॉरिडोर की लंबाई 72.44 किलोमीटर है और इस पर 20,637 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें कुल 11 स्टेशन प्रस्तावित हैं। जब सूरजपुर में 64 किलोमीटर लंबा दूसरा कॉरिडोर (गुरुग्राम-फरीदाबाद) इससे जुड़ेगा, तो यह भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक हाई-स्पीड रीजनल रेल ट्रांजिट नेटवर्क बन जाएगा।

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