Pappu Yadav PC में बड़ा बवाल! 'चाकू लेकर पहुंचा युवक', सांसद ने लगाए हत्या की साजिश के आरोप

Pappu Yadav Delhi press conference attack: दिल्ली में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के सरकारी आवास पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चल रही प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच चाकू और चप्पल लेकर कुछ अज्ञात लोग घुस आए। सांसद के समर्थकों ने हमला करने की कोशिश कर रहे युवक को तुरंत दबोच लिया, जिसके बाद पप्पू यादव ने इसे अपनी हत्या की सोची-समझी साजिश करार दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चप्पल और चाकू लेकर घुसे हमलावर, समर्थकों ने दबोचा
सोमवार से शुरू होने वाले संसद सत्र को लेकर पप्पू यादव अपने दिल्ली स्थित आवास पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान पत्रकारों के बीच 3-4 संदिग्ध युवक दाखिल हुए और अचानक तीखे सवाल पूछते हुए हंगामा करने लगे।
चश्मदीदों और समर्थकों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले चप्पल फेंककर मारने की कोशिश की और फिर जेब से चाकू निकालकर सांसद की तरफ झपटने लगे। हालांकि, वहां मौजूद समर्थकों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। हंगामे की सूचना मिलते ही तिलक मार्ग थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।
'अतीक-अशरफ पार्ट-2 की थी साजिश', मीडिया संयोजक और वकील के गंभीर आरोप
घटना के बाद पप्पू यादव के मीडिया संयोजक ने दावा किया कि यह महज कोई विरोध-प्रदर्शन नहीं था, बल्कि प्रयागराज के अतीक-अशरफ कांड की तर्ज पर ऑन-कैमरा सांसद की हत्या करने यानी 'अतीक-अशरफ पार्ट-2' की साजिश थी। समर्थकों ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि के आवास पर जनता दरबार के समय मेटल डिटेक्टर नहीं होता, जिसका फायदा उठाकर ये हमलावर अंदर तक पहुंच गए।
दूसरी ओर, पप्पू यादव के वकील ने इस पूरी घटना को दिल्ली पुलिस की नाकामी और प्रशासनिक साजिश बताया। वकील का कहना था कि पिछले दो दिनों से लगातार पुलिस को धमकियों की जानकारी दी जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के नाम पर सिर्फ तीन-चार पुलिसकर्मी ही तैनात किए गए थे।
राम मंदिर चंदा विवाद, 51 लाख का इनाम और संसद सत्र से पहले सुरक्षा पर सवाल
दरअसल, पप्पू यादव ने हाल ही में संसद भवन परिसर में राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर साधु के वेश में अनोखा प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद से ही उनके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में कई एफआईआर दर्ज हुई थीं और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
वकील के अनुसार, सोशल मीडिया पर सांसद का सिर कलम करने वाले को 51 लाख रुपये का इनाम देने जैसे खुलेआम पोस्ट किए जा रहे थे। इसी माहौल के बीच अपनी बात रखने और संसद में आगे की रणनीति बताने के लिए पप्पू यादव ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी, जहां यह पूरी वारदात घटी।
