आज से देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस हुई बंद, हर रोज हो रहा था इतने लाख का घाटा

नई दिल्ली : देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) का संचालन सोमवार से अगले आदेश तक बंद होने जा रहा है। लखनऊ-नई दिल्ली (Lucknow-New Delhi Tejas Express) के चल रही तेजस का संचालन आईआरसीटीसी (IRCTC) के जिम्मे था। जोकि कोरोना (Coronavirus) काल की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। क्योंकि 23 नवंबर के बाद 20 से 30 यात्री ही रोजाना सीटों की बुकिंग करा रहे थे। ऐसे में यात्री आभाव और फ्लेक्सी किराया से महंगा सफर यात्रियों को राहत नहीं दे सका।
रविवार सुबह लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली के लिए तेजस से करीब 400 यात्री और नई दिल्ली से लखनऊ आने वाली तेजस में करीब 250 यात्रियों ने सफर के लिए बुकिंग कराई। इससे ज्यादातर सीटें खाली ही रहीं। सीटें खाली रहने से ट्रेन को औसतन रोजाना 9 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था। तेजस को चलाने के एवज में रेलवे को रोजाना 13 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता है। इसी नुकसान के चलते यह कदम उठाया गया है।
रोजाना हो रहा था लाखों रुपये का नुकसान
बता दें कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के कारण यात्रियों का आवागमन बहुत कम हुआ और तेजस ट्रेन में रोजाना औसतन 20 से 30 यात्री ही यात्रा कर रहे थे. इस कारण रोजाना लाखों रुपये का नुकसान हो रहा था, जिसके बाद इसे अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.
ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को मिलता है हर्जाना
तेजस पूरी तरह से वीआईपी ट्रेन है और इसके लखनऊ से नई दिल्ली एसी चेयर कार का किराया 1125 रुपये है, जबकि एक्जक्यूटिव क्लास का किराया 2310 रुपये है. यात्रा के दौरान पैसेंजर्स को पैक्ड फूड और आरओ वॉटर दिया जाता है. इसके अलावा हर यात्री का 10 लाख रुपये का रेल यात्रा बीमा भी होता है. साथ ही अगर ट्रेन लेट होती है तो आईआरसीटीसी (IRCTC) द्वारा यात्रियों को हर्जाना भी दिया जाता है. ट्रेन के 1 घंटे से अधिक लेट होने पर 100 रुपये और 2 घंटे से ज्यादा देरी से पहुंचने पर 250 रुपये प्रति यात्री हर्जाना दिया जाता है.
